प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम पर सख्त नाराज हुआ हिंदू महासभा

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के गुजरात की सैय्यद मस्जिद दौरे पर अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने सख्त नाराजगी जताई है। शिंजो आबे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सैय्यद मस्जिद पहुंचे थे। हिंदू महासभा ने पीएम मोदी के इस कदम को भारतीय संस्कृति के खिलाफ करार दिया है। महसभा ने कहा है कि भारत के हिंदू इसे कभी माफ नहीं करेंगे। पीएम मोदी के इस कदम से देशभर की हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार ने कहा, ‘शिंजो आबे को मस्जिद दौरे की जगह सोमनाथ मंदिर, द्वारका और ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने चाहिए थे। भारत एक हिंदू राष्ट्र है। हिंदू राष्ट्र के रूप में ही भारत की पहचान है। भगवान शिव, राम और कृष्ण भारत की संस्कृति के प्रतीक हैं। इसलिए जापान के प्रधानमंत्री को गुजरात में स्थित हिंदू-देवी देवताओं के भव्य मंदिरों का दर्शन करना चाहिए था। मगर ऐसा ना कर भारत के प्रधानमंत्री ने हिंदू और भारत विरोधी और भारतीय संस्कृति का विरोध करने का काम किया है।’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम पर सख्त नाराज हुआ हिंदू महासभा, कहा- सरकार को माफ नहीं करेंगे भारत के हिंदू

मुन्ना कुमार ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि गुजरात चुनाव को देखते हुए ऐसा कदम उठाया गया है। पीएम का ये कदम अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का एक हिस्सा है। अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के कारण ही कांग्रसे की हालात आज खराब है। अगर ऐसी ही काम भाजपा करती रही तो इस सरकार को मिटने में कम समय लगेगा। गौरतलब है कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे बुधवार को अपने दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत भारत दौरे पर पहुंचे हैं। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बाद में दोनों नेता रोड शो करते हुए साबरमती आश्रम और सिदी सैय्यद मस्जिद पहुंचे।

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वहीं भारत दौरे के दूसरे दिन है आबे ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ गुरुवार को साबरमती रेलवे स्टेशन के पास एथलेटिक स्टेडियम में महत्वाकांक्षी 1.08 लाख करोड़ रुपए (17 अरब डॉलर) की अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की नींव रखी। इसके बाद, दोनों नेता गांधीनगर में 12वीं वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसमें कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। यह सम्मेलन मोदी और आबे के बीच चौथा वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा, जहां दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक भागीदारी के ढांचे के तहत बहुमुखी सहयोग में प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जापान उन दो देशों में से एक है, जिनके साथ भारत के ऐसे वार्षिक शिखर सम्मेलन होते हैं, दूसरा देश रूस है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत-जापान बिजनेस लीडर फोरम में भी शामिल होंगे। मोदी अहमदाबाद में पहले भी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिग की मेजबानी कर चुकें हैं।

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