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शेन वॉर्न ने आखिर खोल ही दिया अपनी ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’

ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न आज 48 साल के हो गए. शेन वॉर्न ने 24 साल पहले एशेज सीरीज के दौरान ऐसी गेंद फेंकी, जिसे ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ कहा गया. वॉर्न ने 4 जून 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में इंग्लिश बल्लेबाज माइक गेटिंग को बोल्ड किया. वह गेंद लगभग 90 डिग्री के कोण से घूमी थी.

शेन वॉर्न

वॉर्न की गेंद लेग स्टंप के काफी बाहर पिच हुई और ऐसा लग रहा था कि गेंद वाइड हो सकती है, इसी के चलते गैटिंग ने उसे खेलने का प्रयास नहीं किया. इस बीच जबरदस्त तेजी से टर्न हुई गेंद गैटिंग को चकमा देते हुए उनके ऑफ स्टंप पर जा लगी, जिसे देखकर सभी हैरान हो गए.

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अपनी इसी ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ के बारे में शेन वॉर्न ने राज खोला है. शेन वॉर्न ने बताया कि यह गेंद एक अचरज थी और मैंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी और न ही मैं इसे दोहरा सकता हूं. वॉर्न ने कहा,एक लेग स्पिनर के तौर पर आप हमेशा एक बेहतर लेग ब्रेक गेंद डालने के बारे में सोचते हो. मैंने भी ठीक उसी तरह की गेंद डालने की कोशिश की थी. लेकिन,गेंद 90 डिग्री तक घूम गई जो वास्तव में अजूबा था.

 शेन वॉर्न ने कहा, ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ बिलकुल वैसी ही गेंद थी, जो सभी लेग स्पिन गेंदबाज डालने की कोशिश करते हैं. इस गेंद ने मैदान के अंदर और बाहर की मेरी जिंदगी को बदल कर रख दिया. मुझे बहुत गर्व है कि मैंने गेंद ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ डाली थी. खासकर माइक गेटिंग जैसे बेहतरीन खिलाड़ी को जो इंग्लैंड की टीम में स्पिन गेंदबाजी का माहिर खिलाड़ी था. वॉर्न ने कहा, वो मेरी जिंदगी का सबसे खास पल था.

बता दें की वॉर्न टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज हैं. उन्होंने 145 टेस्ट मैच खेलकर 708 विकेट हासिल किए, जिसमें 37 बार पारी में 5 या इससे अधिक विकेट और 10 बार मैच में 10 या इससे अधिक विकेट शामिल हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी गेंदबाजी कितनी घातक रही. वहीं उन्होंने 194 वनडे मैचों में 293 विकेट लिए.

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