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गांधी की जन्मभूमि को बोला जाता है इस भाजपा का गढ़, जानिये किसका होगा इस पर राज

महात्मा गांधी की जन्मभूमि पोरबंदर को भाजपा का गढ़ बोला जाता है 1984 के बाद कांग्रेस पार्टी के लिए यहां जीत का सूखा पड़ गया उसके बाद उसे सिर्फ एक बार जीत मिलीपोरबंदर का निर्माण जूनागढ़ से हुआ था यहां बापू के ज़िंदगी से जुड़े कई जगह हैं जो आज दर्शनीय स्थलों में बदल चुके हैं 10वीं शताब्दी में पोरबंदर को ‘पौरावेलाकुल’ बोला जाता थाबाद में इसे ‘सुदामापुरी’ भी बोला जाने लगा माना जाता है कि यह जगह कृष्ण के मित्र सुदामा का जन्म जगह है पोरबंदर में 23 अप्रैल को वोट डाले गए हैं

कौन हैं प्रत्याशी?
पोरबंदर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)  कांग्रेस पार्टी के बीच सीधा मुकाबला है भाजपा ने यहां से रमेश धडुक को टिकट दिया है कांग्रेस पार्टी की ओर से ललित वासोया मैदान में हैं बसपा ने समत काडावाला को प्रत्याशी बनाया है

पिछले चुनाव का हाल

पोरबंदर लोकसभा सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है भाजपा 1991 से यह सीट अपने नाम करती आ रही है 1980 में कांग्रेस पार्टी ने यहां बाजी मारी इसके बाद 1984 की लहर में भी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को इस सीट से जीत मिल गई, लेकिन इसके बाद कांग्रेस पार्टी के लिए सूखा पड़ गया

1989 का चुनाव जनता दल ने जीता 1991 से बीजेपी ने जीत का जो सिलसिला यहां से प्रारम्भ किया, उसे वर्षों तक रुकने नहीं दिया 2009 में कांग्रेस पार्टी की वापसी हुई विट्ठलभाई रादडिया ने चुनाव जीता इसके बाद 2013 में उपचुनाव हुए  भाजपा के टिकट पर विट्ठलभाई रादडिया ने चुनाव जीता 2014 में भी रादडिया सांसद बने 2014 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने एनसीपी को यह सीट दी थी इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी समर्थित उम्मीदवार को पराजय का सामना करना पड़ा था रादडिया ने कांधल भाई जडेजा को ढाई लाख से भी ज्यादा वोट से हराया

विट्ठल भाई 1990 में वह पहली बार विधायक बने  2009 तक वह कुल पांच बार विधायक निर्वाचित हुए 2009 में उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा  पहली बार लोकसभा सांसद बनेविट्ठल भाई कांग्रेस पार्टी के साथ लंबे अरसे तक रहे  2013 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी इसके चलते पोरबंदर सीट पर उपचुनाव हुआ  विट्ठल भाई भाजपा के टिकट सांसद बने

सामाजिक समीकरण
इस लोकसभा क्षेत्र में पटेलों के अतिरिक्त मछुआरा, लोहाना, मुस्लिम  मेहर समाज का भी खासा महत्व है 2017 के विधानसभा चुनाव में मछुआरों ने ऑयल पर सब्सिडी में कटौती  पाकमें कैद मछुआरों की रिहाई को बड़ा मामला बनाया था

2011 की मतगणना के अनुसार, यहां की आबादी 21,12,269 है अनुसूचित जाति  10.07 फीसद  अनुसूचित जनजाति 1.71 फीसद है करीब 6 प्रतिशत मुस्लिम हैं

पोरबंदर लोकसभा क्षेत्र के भीतर गोंडल, पोरबंदर, केशोद, जेतपुर, कुतियाणा, धोराजी  मानावदर विधानसभा सीट आती हैं 2017 के विधानसभा चुनाव में पोरबंदर सीट से बीजेपी, कुतियाणा से एनसीपी, मानावदार से कांग्रेस, केशोद से बीजेपी, गोंडल से बीजेपी, जेतपुर से भाजपा  धोराजी से कांग्रेस पार्टी को जीत मिली थी पोरबंदर सीट पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोढवाडिया को पराजय का सामना करना पड़ा था

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