Friday , March 22 2019
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यूपी में समाजवादी पार्टी ने आपस में साझेदारी करके मैदान में उतरने का लिया निर्णय

आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए यूपी में  समाजवादी पार्टी (SP) ने आपस में साझेदारी करके मैदान में उतरने का निर्णय लिया है साझेदारी का ऐलान होने के बाद पड़ोसी राज्य बिहार में सक्रिय के नेता तेजस्वी यादव ने बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात करके इस साझेदारीको बनाने के लिए शुक्रिया कहा बसपा सुप्रीमो से उनके आवास पर मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने बोला कि इस साझेदारी के बनने के बाद बीजेपी का पूरे यूपी में सफाया हो जाएगा  वे कभी सत्ता में वापस नहीं आ पाएंगे

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा बाबा साहेब आंबेडकर के बनाए संविधान को समाप्त कर नागपुर का कानून लागू करने में जुटी है जनता मायावती  अखिलेश की दोस्ती का स्वागत कर रही है बिहार  यूपी से भाजपा का सफाया हो जाएगा यूपी में भाजपा एक भी सीट नहीं जीतेगीसभी सीटों पर सपा-बसपा साझेदारी के प्रत्याशी जीतेंगे

तेजस्वी यादव ने बोला कि मेरे पिता ने यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान ही सपा  बीएसपी को एक साथ मिलकर लड़ने की नसीहत दी थी उन्हें उम्मीद थी कि अगर उस वक्त ऐसा होता तो तभी यूपीसे भाजपा का सफाया हो गया होता हालांकि अभी भी लालू यादव इस सपा-बसपा के साझेदारी से बहुत ज्यादा खुश हैं आरजेडी नेता ने बोला कि नरेंद्र मोदी की गवर्नमेंट ने राष्ट्र में अघोषित इमरजेंसी लागू कर रखा है

तेजस्वी ने बोला कि भाजपा सरकारी मशीनरी को दुरुपयोग करके विपक्षी नेताओं को परेशान कर रही है गवर्नमेंट ने झूठे मुकदमों में लालू यादव को फंसाकर उन्हें कारागार भेज दिया है जब मैं 13-14 वर्ष का था तभी मेरे ऊपर करप्शन के मुकदमें दर्ज कर दिए गए इस प्रपंच में मेरे नीतीश चाचा उनकी मदद कर रहे हैं नीतीश कुमार ने हमारे साथ मिलकर चुनाव जीत लिया फिर वे भाजपा के साथ जाकर मिल गए लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीछे CBIको लगा दिया गया है

मालूम हो कि शनिवार को लखनऊ के एक होटल में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव  बीएसपी प्रमुख मायावती ने साझा प्रेस कांफ्रेंस करके साझेदारी का ऐलान किया था साझेदारी में तय हुआ था कि सपा-बसपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे राहुल गांधी  सोनिया गांधी के लिए रायबरेली  अमेठी सीट पर दोनों दल कोई प्रत्याशी नहीं उतारेंगे साथ दो सीटें अन्य सहयोगी दलों के लिए छोड़ दी जाएंगी मायावती ने स्पष्ट रूप से बोला था कि इस साझेदारी में कांग्रेस पार्टी को शामिल नहीं किया जा रहा है, क्योंकि पुराने अनुभव बताते हैं कि कांग्रेस पार्टी के वोट सपा-बसपा को ट्रांसफर नहीं होते हैं

गौर करने वाली बात यह है कि 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आरजेडी, जेडीयू कांग्रेस पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था, जिसमें भाजपा की करारी पराजय हुई थी हालांकि करीब डेढ़ वर्ष बाद जदयू ने साझेदारी से अलग होकर भाजपा से हाथ मिलाकर गवर्नमेंट बना लिया था

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