Tuesday , February 19 2019
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ऐसे खान ने कांग्रेस पार्टी से की थी राजनीतिक ज़िंदगी की शुरुआत

तृणमूल को छोड़ भाजपा में शामिह हुए पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर बाहुबली सांसद सौमित्र खान की शर्द को भाजपा द्वारा मान लिया गया है  उन्हें उन्हीं के गढ़ बिष्णुपुर से लोकसभा प्रत्याशी के रूप में उतारने का निर्णय किया है भाजपा सूत्रों द्वारा ही इसका खुलासा हुआ है बता दें, सौमित्र खान बुधवार को ही भाजपा में शामिल हुए हैंImage result for ऐसे खान ने कांग्रेस पार्टी से की थी राजनीतिक ज़िंदगी की शुरुआत

तृणमूल से निकलने के बाद बाहुबली सांसद सौमित्र खान के राजनितिक भविष्य को लेकर राजनीतिक माहौल में सरगर्मियां तेज़ हो गईं थी जिसके बाद भाजपा में शामिल होने से पहले सौमित्र ने दो शर्ते रखी थीं पहली शर्त ये थी की उन्हें बिष्णुपुर से लोकसभा का टिकट दिया जाए  दूसरी शर्त यह थी की युवा भाजपा मोर्चा का अध्यक्ष उन्हें बनाया जाएहालांकि, सौमित्र की दूसरी शर्त को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मानने से इंकार कर दिया है लेकिन उनकी पहली शर्त मान ली गई है

2019 के लोकसभा चुनाव में बिष्णुपुर से सौमित्र खान का नाम तय हो गया है भाजपा ने खान को अपने चुनावी एरिया में संपर्क बढ़ाने के लिए बोला है जिसके चलते बोला जा सकता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सौमित्र खान बिष्णुपुर से चुनाव लड़ने के लिए तत्पर हैं अब सिर्फ घोषणा होने का इंतजार है मंगलवार रात से सौमित्र खबरों में थे कि उनकी मर्डर की साजिश रची जा रही है  उनके सहायक का अपहरण करने की प्रयास की जा रही है जिसके चलते उन्होंने एक फेसबुक लाइव भी किया था  उसके बाद बुधवार को वह भाजपा में शामिल हो गए

तृणमूल कांग्रेस पार्टी से भाजपा में शामिल होते ही लगा दी बुधवार दोपहर को भाजपा सदर दफ्तर में बैठकर उन्होंने आरोप लगाते हुए बंगाल में कहा, ‘अभी दीदी-भतीजे का राज चल रहा है युवाओ के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है’  इसके बाद से ही तृणमूल युवा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष तथा डायमंड हारबर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने सौमित्र खान को चैलेंज दे दिया  बोला अगर हिम्मत है तो चुनाव में जीत कर दिखाएं इसके जवाब में सौमित्र खान ने बोला की बिष्णुपुर की जनता ही इसका निर्णय करेगी

सौमित्र खान ने अपने राजनितिक ज़िंदगी की आरंभ कांग्रेस से की थी जिसके बाद वो तृणमूल में शामिल हो गए  विधायक भी बने फिर तृणमूल की तरफ से उन्हें लोकसभा की टिकट भी मिला  वर्ष 2014 में बांकुड़ा के बिष्णुपुर लोकसभा से वह पहली बार सांसद बने लेकिन सूत्रों की माने तो पिछले कुछ दिनों से ही सौमित्र  तृणमूल के बीच सम्बन्धो में खटास आ गई थी भाजपा में शामिल होने के लिए चुपके चुपके वार्ता भी चल रही थी  अंत में बुधवार को उन्होंने तृणमूल को छोड़ BJP का हाथ थाम लिया

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