Sunday , December 16 2018
Loading...

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 : महासमुंद के 58 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा आज

कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी पर अनुशानहीनता के चलते पार्टी से निकाल दिया है। कांग्रेस ने सत्यव्रत चतुर्वेदी पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने बेटे नितिन चतुर्वेदी के लिए चुनाव प्रचार करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया।

आपको बता दें कि सत्यव्रत चतुर्वेदी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने बेटे नितिन चतुर्वेदी के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। लेकिन कांग्रेस ने चतुर्वेदी की मांग को दरकिनार करते हुए उनके बेटे को टिकट देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद अब चतुर्वेदी के बेटे मध्य प्रदेश की राजनगर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे है।

Loading...

आपको बता दें कि चतुर्वेदी अपने बेटे के नामांकन दाखिल करने के दौरान उनके साथ देखेंगए थे। यहीं नहीं उन्होंने नामांकन दाखिल करने के बाद वोटरों से उनके बेटे के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की थी।

loading...

कांग्रेस से निकाले जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए सत्यव्रत ने कहा कि मैंने कांग्रेस को नहीं छोड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी में बीते 15 सालों से कोई गलती की और उस गलती को दोहराया जा रहा है तो ऐसे में अन्याय करना जितना बड़ा पाप है उतना ही बड़ा पाप अन्याय सहना भी है।

आपको बता दें कि सत्यव्रत चतुर्वेदी राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह 10 साल तक राज्यसभा के सदस्य रहे। इसके साथ ही वह लोकसभा के सदस्य भी रह चुके है।

Loading...
loading...