Saturday , November 17 2018
Loading...

प्रदूषण के कारण बच्चों में ऑटिज्म का खतरा 78 प्रतिशत तक बढ़ा…

वाहनों व कारखानों से निकलने वाले धुएं और अन्य बाहरी प्रदूषण के कारण बच्चों में ऑटिज्म का खतरा 78 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। हाल ही में चीन में हुए एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है। इस शोध में हवा में घुले खतरनाक सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) के संपर्क के प्रभाव को समझने के लिए शंघाई में कुछ बच्चों के उनके जन्म के समय से लेकर तीन वर्ष तक का अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में 124 एएसडी (ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार) वाले बच्चों और 1,240 स्वस्थ बच्चों को शामिल किया गया। उनमें वायु प्रदूषण और एएसडी के बीच संबंध की जांच की गई।

‘जर्नल एनवायरनमेंट इंटरनेशनल’ में प्रकाशित अध्ययन में पहली बार बच्चों के जन्म से लेकर कुछ वर्षों बाद भी उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले ऑटिज्म के हानिकारक प्रभावों के बारे में पता चला है। चाइनीज अकेडमी ऑफ साइंसेज के झिलिंग गुओ ने कहा, ‘ऑटिज्म के कारण जटिल हैं और पूरी तरह से समझ में नहीं आते हैं, लेकिन आनुवांशिक और अन्य कारकों के अलावा पर्यावरणीय कारकों को तेजी से पहचाना जाता है।’ डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, वायु प्रदूषण सार्वजनिक रूप से  चिंता का विषय है और वैश्विक स्तर पर हर साल 42 लाख मौतों का कारण बनता है।

Loading...
loading...