Thursday , December 13 2018
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चुनाव में पारदर्शिता के लिए कांग्रेस पार्टी नेता कमलनाथ व सचिन पायलट ने दी अर्जी

कांग्रेस पार्टी नेता कमलनाथ  सचिन पायलट ने सुप्रीम न्यायालय में याचिका दायर कर चुनाव में पारदर्शिता लागू करने के साथ ही टेक्स्ट फॉरमेट में वोटर लिस्ट सौंपे जाने की मांग की है

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दूसरी तरफ कमलाथ की विधानसभा चुनाव में दस प्रतिशत बूथों पर वीवीपीएटी का औचक परीक्षण करने की अर्जी पर चुनाव आयोग ने बोला था कि वीवीपीएटी सभी बूथों पर रहेगी, लेकिन कहां पर औचक निरीक्षण हो ये चुनाव आयोग का अधिकार है इससे पहले चुनाव आयोग ने कमलनाथ पर न्यायालय में फर्जी दस्तावेज देकर उसके सहारे अपने हक का आदेश लेने की प्रयासकरने का आरोप लगाया था

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आयोग ने बोला था कि ऐसा करना आईपीसी की धारा 193 के तहत दंडनीय क्राइम है, जिसमें सात वर्ष की कैद हो सकती है चुनाव आयोग ने कमलनाथ की ओर से दिए गए दस्तावेज पर सवाल उठाते हुए बोला था कि इस दस्तावेज में बोला गया है कि एक ही नाम की समान 17 महिलाएं मतदाता सूची में दर्ज हैं एक व्यक्तिगत वेबसाइट से निकाले गए इस दस्तावेज की आयोग ने जांच की  मतदाता सूची से फोटो मिलाकर पाया कि एक समान नाम वाली सभी महिलाएं अलग अलग हैं  वे असलीमतदाता हैं हालांकि कमलनाथ की ओर से आरोपों का विरोध करते हुए बोला गया था कि उन्होंने दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा नहीं किया है, जो दस्तावेज उन्होंने दिए हैं वो सार्वजनिक हैं  यही उन्होंने ज्ञापन के साथ चुनाव आयोग को भी जांच के लिए दिये थे

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आपको बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश  राजस्थान विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र  निष्पक्ष कराने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी की याचिका पर सुप्रीम न्यायालय ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ  राजस्थान कांग्रेस पार्टी कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने सुप्रीम न्यायालय में याचिका दायर कर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता  सुधार की मांग की है इसके अतिरिक्त याचिका में वीवीपीएटी पर्चियों के सत्यापन की भी मांग की गई है याचिका में बोला गया है कि सुप्रीम न्यायालय इलेक्शन कमीशन को आदेश दे कि EVM में डाले गए वोटों का मिलान VVPAT से कराया जा सके

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