Saturday , December 15 2018
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शॉ के पदार्पण टेस्ट में भारत का पहले बल्लेबाजी का फैसला…

वेस्टइंडीज के खिलाफ सौराष्ट्र क्रिकेट स्टेडियम में गुरुवार को भारतीय क्रिकेट टीम के साथ टेस्ट मैच में पदार्पण करने के साथ ही 18 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने एक बड़ी उपलब्धि भी अपने नाम की है।

पृथ्वी अपने पदार्पण टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले चौथे सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं।

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वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में शतक लगाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पृथ्वी ने पदार्पण टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले युवा बल्लेबाजों की सूची में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।

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इस सूची में पृथ्वी से पहले बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद अशरफुल, जिम्बाब्वे के हेमिल्टन मसकदजा और पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सलीम मलिक का नाम शामिल है।

अशरफुल ने कोलंबो में 17 साल और 061 दिन की उम्र में श्रीलंका के खिलाफ पदार्पण टेस्ट मैच में शतक जड़ा था। इसके अलावा हेमिल्टन ने हरारे में वेस्टइंडीज के खिलाफ 17 साल और 352 दिन की उम्र में पहला टेस्ट शतक लगाया।

सलीम ने श्रीलंका के खिलाफ कराची में 18 साल और 323 दिन की उम्र में पदार्पण टेस्ट में शतक जड़ा था। पृथ्वी ने 18 साल और 329 दिन की उम्र में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला टेस्ट शतक लगाकर स्वयं के लिए इस सूची में स्थान हासिल कर लिया।

इसके अलावा उन्होंने सबसे तेजी से पहला टेस्ट शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। पृथ्वी ने 99 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनसे पहले शिखर धवन ने 2013 में मोहाली में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 85 गेंदों में शतक लगाया था, वहीं दूसरे स्थान पर शामिल ड्वेन स्मिथ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2004 में 93 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा था।

केवल यहीं नहीं वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर का पहला शतक जड़ने वाले दूसरे सबसे युवा बल्लेबाज हैं। इस सूची में सचिन तेंदुलकर का नाम पहले स्थान पर है। उन्होंने 17 साल और 112 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ 1990 में मैनचेस्टर में अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक लगाया था।

पृथ्वी ने 18 साल और 329 दिन की उम्र में करियर का पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक लगाया है। दिग्गज खिलाड़ी कपिल देव तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 1979 में दिल्ली में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ 20 साल और 021 दिन की उम्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहला शतक लगाया।

युवा पृथ्वी शॉ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के साथ अर्धशतक जमाने वाले सबसे युवा भारतीय क्रिकेटर बन गए जिनकी पारी के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन लंच तक एक विकेट पर 133 रन बना लिये।

इससे पहले अठारह बरस के शॉ ने 126 गेंद में नाबाद 116 रन बना लिये हैं। दूसरे छोर पर चेतेश्वर पुजारा ने 125 गेंद में 86 रन बना लिये हैं।

भारत ने सुबह 25 ओवर में 5-32 की औसत से रन बनाये। टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 293वें क्रिकेटर बने साव ने पहली ही गेंद से जबर्दस्त आत्मविश्वास का परिचय दिया। उसने दूसरी ही गेंद सीमारेखा के पास भेजकर तीन रन लिये।

तेज गेंदबाज शेनोन गैब्रियल ने 140 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी की लेकिन इसका साव पर कोई असर नहीं पड़ा। गैब्रियल ने उनके सलामी जोड़ीदार केएल राहुल को पगबाधा आउट करके वेस्टइंडीज को पहली सफलता दिलाई। साव ने दूसरे छोर से उसी आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए रन बनाये।

राहुल के आउट होने के बाद पुजारा और साव ने कोई विकेट गंवाये बिना संभलकर खेला। साव ने 56 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया जबकि पुजारा ने 67 गेंद में 50 का आंकड़ा छुआ।

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