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एथनॉल के मिश्रण से पेट्रोल की कीमत में गिरावट होगी- सीआर चौधरी

केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री सीआर चौधरी ने कहा कि एथनॉल के मिश्रण से पेट्रोल की कीमत में गिरावट होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथनॉल का मिश्रण अनिवार्य कर दिया है। चौधरी शुक्रवार को कानपुर के नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) में आयोजित 49वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे।


उन्होंने कहा कि अभी देश में एथनॉल की उपलब्धता महज चार प्रतिशत है। इसलिए चीनी मिलों को सीधे गन्ने के रस या फिर बी श्रेणी के शीरे (मोलासेस) से एथनॉल तैयार करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 78.6 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई थी जबकि इस बार तेल कंपनियों को 158 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति करने का अनुबंध किया गया है।

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उन्होंने कहा कि चार साल में सरकार की कोशिश है कि एथनॉल का उत्पादन 450 करोड़ लीटर तक पहुंच जाए। समारोह की अध्यक्षता उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुरेश कुमार वशिष्ठ ने की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि सांसद देवेंद्र सिंह भोले, निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन, विधायक नीलिमा कटियार आदि मौजूद रहे।

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क्वालिटी पर करो फोकस तभी निर्यात होगी चीनी
चौधरी ने कहा कि चीनी उत्पादन के मामले में हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश हैं। लेकिन कोई देश हमसे चीनी नहीं लेता क्योंकि क्वालिटी अच्छी नहीं होती और लागत भी अधिक रहती है। बोले, पिछले साल 320 लाख टन चीनी का उत्पादन भारत में हुआ है।

इस बार यह और भी बढ़ने की उम्मीद है लेकिन इसके बावजूद चीनी उद्योग घाटे में चल रहा है क्योंकि शुगर इंडस्ट्री में आज भी ज्यादातर कंपनियां बाबा आदम के जमाने की मशीनें और तकनीक का उपयोग कर रही हैं।

इसके चलते लागत भी अधिक हो जाती है और अन्य देशों की अपेक्षा क्वालिटी में भी गिरावट रहती है। चौधरी ने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि अत्याधुनिक तकनीक और मशीनों का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग हो।
जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट का नारा

चौधरी ने अपने भाषण में वैज्ञानिकों से कहा कि वह कम कैलोरी वाली चीनी तैयार करें जिससे लोगों की सेहत भी अच्छी रहे और क्वालिटी में भी वृद्घि हो। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि लोग झूठे ही चीनी को बदनाम करते हैं जबकि अच्छी चीनी खाने से कोई नुकसान नहीं होता है। इसके लिए उन्होंने जीरो-डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट का नारा दिया। बोले, अगर चीनी अच्छी रही तो सेहत को कोई नुकसान नहीं होगा।

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