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सहसपुर: आठ साल की बच्ची से दुराचार की घटना आई सामने

पोर्न फिल्म देखकर आठ साल की बच्ची से दुराचार करने के बाल अपचारियों के खिलाफ पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पांचों बाल अपचारियों (बालकों) की उम्र नौ से 14 वर्ष के बीच है। दो माह से भी ज्यादा समय से पांचों बाल सुधार गृह हरिद्वार में रह रहे हैं। अपराध को घिनौना कृत्य करार देते हुए बोर्ड ने उनके परिजनों को सुपुर्द नहीं किया गया था।


गत 15 जुलाई को सहसपुर थाना क्षेत्र में आठ साल की बच्ची से दुराचार की घटना सामने आई थी। बच्ची ने जब अपने साथ हुई घटना को परिजनों को बताया तो पता चला कि उससे दुराचार हुआ है।

इस मामले में पांच बच्चों के नाम सामने आए, जिनके खिलाफ पुलिस ने प्राथमिक जांच में पुष्टि होने के गैंगरेप, आपराधिक षड्यंत्र और पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था।

घटना के अगले दिन पांचों बच्चों के माता पिता को सभी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद पीड़िता का मेडिकल कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
बालकों को बाल सुधार गृह भेजा
इसके बाद पांचों बाल अपचारियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश पर बाल सुधार गृह हरिद्वार भेज दिया गया। एसओ नरेश सिंह राठौर ने बताया कि पांचों बाल अपचारियों के खिलाफ बोर्ड में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। पांचों के खिलाफ आईपीसी 376डी (गैंगरेप), आईपीसी 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) और पॉक्सो अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है।

बता दें कि घटना के वक्त सामने आया था कि आरोपियों ने घटना से पहले पोर्न फिल्म देखी थी। उसी से दुष्प्रेेरित होकर उन्होंने घटना को अंजाम दिया। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इन सभी बच्चों को माता पिता के सुपुर्द करने से भी इंकार कर दिया था। बोर्ड का कहना था कि इस तरह के बच्चों की बाल सुधार ग़ृह में ही काउंसिलिंग हो सकती है। लिहाजा अभी तक वे बाल सुधार गृह में ही रह रहे हैं।

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