Thursday , October 18 2018
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हैदराबाद का फर्जी जज बन करता था ठगी

गुरुग्राम की सेक्टर-14 थाना पुलिस ने फर्जी जज बनकर लोगों से रुपये ऐंठने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। साथ ही एक महिला को भी काबू किया गया है। आरोपी 6 महीने पहले गुरुग्राम आया था और 4 महीने से जज बनकर लोगों को ठग रहा था।

पुलिस को मिली एक सूचना के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 7 दिनों की रिमांड पर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे ठगी के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। आरोपी की पहचान हैदराबाद निवासी केदार नाथ सागर के रूप में हुई। उसके पास से एक आईकार्ड भी मिला, जो जांच में फर्जी निकला।

शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि वह खुद को तेलंगाना के हैदराबाद का सिविल जज सीनियर डिविजन बताता था। गुरुग्राम में प्रतिनियुक्ति पर आने की बात कहकर लोगों को झांसे में लेता था। नौकरी दिलवाने व अटके प्रशासनिक कार्य करवाने की एवज में 2 से 5 लाख रुपये तक वसूलता था। 4 महीने में उसने करीब 40 लोगों को शिकार बनाया, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं।

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सोमवार को सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) शमशेर सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि सेक्टर-14 थाना पुलिस को सेक्टर-51 निवासी गगन बत्रा ने शिकायत दी थी कि उसकी सेक्टर-14 क्षेत्र में कार एसेसरीज की दुकान है।

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उसकी जानकारी में आया था कि एक जज ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सेक्टर-102 में बना फ्लैट एक व्यक्ति के नाम आवंटित करवाने के लिए 4 लाख रुपये मांगे हैं, जिसमें 2 लाख रुपये एडवांस दिए जा चुके हैं। इस पर पुलिस ने जांच शुरू की।

पुलिस ने सेक्टर-12 स्थित हेरिटेज मैक्स सोसायटी से फर्जी जज और एक महिला को काबू किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने इंटरनेट के जरिये जज के आईडी कार्ड ढूंढे और उसमें हेरफेर कर अपना आईडी कार्ड बनवाया। इस कार्ड के  जरिये वह अपना रौब दिखाने लगा था।

पूछताछ में महिला की संलिप्तता नहीं मिली
पुलिस ने फर्जी जज के साथ एक महिला को भी काबू किया। हालांकि पुलिस ने उसको गिरफ्तार नहीं किया है। उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी के गुरुग्राम आने के बाद उसकी मुलाकात दिल्ली निवासी इस महिला से हुई थी।

महिला का अदालत में तलाक का केस चल रहा था। आरोपी झांसे में लेकर महिला के साथ रह रहा था। एसीपी ने बताया कि फिलहाल मामले में महिला की संलिप्तता सामने नहीं आई है। रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य वारदात का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा अन्य स्थानों पर आरोपी द्वारा की गई वारदात के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।

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