Monday , December 17 2018
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फ्रांस को भारत से रिश्ते बिगड़ने का है सबसे बड़ा डर

फ्रांस की सरकार ने कहा है कि उसे अपने पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के विवाद खड़ा करने से भारत के साथ उसके रिश्ते बिगड़ने की आशंका है। राफेल जेट सौदे को लेकर ओलांद के बयान से भारत में सियासी घमासान मचा हुआ है। फ्रांस के मंत्री ने कहा कि ओलांद अब अपने पद पर नहीं हैं और उनके बयान ने दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को नुकसान पहुंचाया है। खासकर भारत में इस पर घमासान मचा है, जो कतई उचित नहीं है।
पिछले साल मई में फ्रांस के राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हुए ओलांद ने शुक्रवार को कहा था कि फ्रांस की विमान बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट एविएशन को भारत ने स्थानीय साझेदार के रूप में दूसरा विकल्प नहीं दिया था। ओलांद वर्ष 2016 में भारत के दौरे पर आए थे और उसी दौरे के संदर्भ में हुई वार्ता का जिक्र कर रहे थे। दरअसल, मोदी सरकार ने दसॉल्ट से 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया है, जिसने बाद में कहा था कि उसने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएएल के बजाय इस प्रोजेक्ट के लिए अनिल अंबानी की कंपनी को साझेदार बनाया है।

फ्रांस के कनिष्ठ विदेश मंत्री ज्यां-बैपटिस्ट लेमोयन ने ओलांद के बयान पर रविवार को कहा, ‘भारत और फ्रांस के बीच महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय रिश्ते से जुड़े इस बयान से किसी का भला नहीं होगा, खासकर फ्रांस का तो कतई नहीं होगा।’

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