Tuesday , October 16 2018
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नोटबंदी के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में नोटबंदी के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1500 से ज्यादा अंक गिर गया है। वहीं निफ्टी भी 11 हजार से ज्यादा नीचे चला गया है। इतनी बड़ी गिरावट से निवेशकों को एक ही दिन में करोड़ों रुपये की चपत लग गई है।

सेंसेक्स शुक्रवार को करीब 280 अंक की गिरावट के साथ 37,000 के नीचे बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर बाजार में जोरदार गिरावट आयी और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली से निवेशकों को झटका लगा।

तीस शेयरों वाला सेंसेक्स मजबूती के साथ खुला और अचानक दोपहर कारोबार में 1,127.58 अंक यानी 3.03 प्रतिशत का गोता लगाकर 35,993.64 अंक के न्यूनतम स्तर पर आ गया। हालांकि बाद में इसमें उतनी ही तेजी से सुधार आया।

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अंत में सेंसेक्स 279.62 अंक की गिरावट के साथ 36,841.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसमें 1,495.60 अंक का उतार-चढ़ाव आया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 91.25 अंक की गिरावट के साथ 11,143.10 अंक पर बंद हुआ।

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इस शेयर में डूबे 10 हजार करोड़ रुपये

दिवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) का शेयर 56 फीसदी से अधिक टूट गया। डीएचएफएल का शेयर 615 रुपये पर खुला था, जो कि अब 305 रुपये का हो गया है। इस शेयर के केवल टूटने से कंपनी के निवेशकों के 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक डूब गए। वहीं यस बैंक का शेयर 34 फीसदी टूट गया।

रियल इस्टेट कंपनियों में बड़ी गिरावट
रियल इस्टेट कारोबार में लगी कंपनियां जैसे कि गोदरेज प्रॉपर्टी, इंडियाबुल्स और एचडीआईएल के शेयर 1.95 फीसदी से लेकर के 5.82 फीसदी तक टूट गया। निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिली और 10900 के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा था। बिकवाली के चलते सेंसेक्स कुछ ही मिनटों में 800 अंकों से ज्यादा गिर गया। हालांकि थोड़ी देर में बाजार में 700 अंकों की रिकवरी भी देखी गई। सबसे ज्यादा कमजोरी मिडकैप शेयरों में देखी गई। फिलहाल सेंसेक्स 223 अंक की कमजोरी के साथ 36897 और निफ्टी 80.40 अंक गिर कर 11153 पर कारोबार कर रहा है।

बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गयी और इससे निवेशकों को 5.6 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी। आवास वित्त कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट रही। नकदी संकट की आशंका में दीवान हाउसिंग फाइनेंस में 42 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। सेंसेक्स में शामिल यस बैंक का प्रदर्शन सबसे खराब रहा और यह 28.71 प्रतिशत नीचे आया। रिजर्व बैंक ने बुधवार को संस्थापक सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) राणा कपूर का कार्यकाल कम कर दिया और निजी बैंक से जनवरी 2019 तक उनकी जगह किसी अन्य को नियुक्त करने को कहा है।

दोनों सूचकांकों में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गयी। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में 1,249.04 अंक या 3.28 प्रतिशत जबकि एनएसई निफ्टी 372.10 अंक या 3.23 प्रतिशत नीचे आया।

अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) बुधवार को शुद्ध रूप से बिकवाल रहे और उन्होंने 2,184.55 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,201.30 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) जोसेफ थामस ने कहा, ‘‘यस बैंक और डीएचएफएल को लेकर बाजार की धारणा पर व्यापक प्रभाव पड़ा। गिरावट की शुरूआत प्रमुख संपत्ति प्रबंधन कंपनी द्वारा बांड की बिक्री से हुई लेकिन बाद में देखादेखी अन्य कंपनियों के बांड की बिक्री देखी गयी जिसका प्रभाव व्यापक रूप से बाजार पर पड़ा।’’

नुकसान में रहने वाले सेंसेक्स के अन्य प्रमुख शेयरों में कोटक बैंक (3.86 प्रतिशत), अडाणी पोर्ट्स (2.94 प्रतिशत), मारुति सुजुकी (2.04 प्रतिशत), इन्फोसिस (1.96 प्रतिशत), सन फार्मा (1.82 प्रतिशत), कोल इंडिया (1.75 प्रतिशत), एचयूएल (1.65 प्रतिशत), एनटीपीसी (1.03 प्रतिशत) तथा टाटा मोटर्स (0.99 प्रतिशत) शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले प्रमुख शेयरों में ओएनजीसी, विप्रो, आईटीसी, टीसीएस, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और पावर ग्रिड शामिल हैं।

वैश्विक स्तर पर व्यापार तनाव को लेकर चिंता कम होने से अमेरिकी बाजार कल बढ़त में बंद हुई। इससे एशियाई और यूरोपीय बाजारों में तेजी रही। एशिया में हांगकांग का हैंग सेंग 1.73 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक 2.50 प्रतिशत तथा जापान का निक्की 0.82 प्रतिशत मजबूत हुए।

यूरो क्षेत्र में शुरूआती कारोबार में पेरिस सीएसी40 0.68 प्रतिशत तथा फ्रैंकफर्ट का डीएएक्स 0.70 प्रतिशत मजबूत हुए। लंदन का एफटीएसई भी 1.08 प्रतिशत चढ़ा।

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