Wednesday , December 12 2018
Loading...

भारत ने एक बार फिर शांति बनाने का मौका गंवा दिया

पाकिस्तान का कहना है कि किसी भी मुद्दे को हल करने के लिए वार्ता ही एकमात्र जरिया है। पाकिस्तान की तरफ से ये प्रतिक्रिया शुक्रवार को भारत की तरफ से दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की मुलाकात निरस्त करने के बाद आई।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, आंतरिक दबावों में भारत के ऐसा फैसला करने से लग रहा है कि वहां अगले साल होने वाले चुनावों की तैयारी की जा रही है। दुनिया को देखना चाहिए कि पाकिस्तान परिस्थितियों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाए हुए है, जबकि भारत का रवैया बहुत स्पष्ट नहीं है। हम सम्मानित तरीके से वार्ता चाहते हैं।

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके अब्दुल बासित ने कहा, वह भारत के इस कदम से हैरान हैं। नई दिल्ली को चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस पर पहले ही सहमत नहीं होना चाहिए था। अब बैठक के लिए सहमत होने के बाद पीछे हटना ज्यादा हैरानी भरा है।

Loading...

विदेशी मामलों के पूर्व सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह शांति के लिए माहौल बना सकती थी। पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने कहा, इस फैसले ने उन्हें आगरा शिखर सम्मेलन की याद दिला दी। तब हर कोई संयुक्त बयान के लिए तैयार था। तभी भारत ने आखिरी मिनट में ये निर्णय वापस ले लिया।

loading...

भारत पाक के बीच बातचीत रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण : महबूबा

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश स्तर की बातचीत के रद्द होने पर कहा कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता से ही जम्मू कश्मीर का मुद्दा सुलझ सकता है।

जम्मू कश्मीर का मुद्दा सुलझाने के अलावा भारत पाक सीमा पर सीजफायर उल्लंघन और सैैनिकों की मौत से भी राज्य के लोग प्रभावित हो रहे हैं। दोनों देशों में बातचीत से ही आम जनता को सहारा मिल सकता है। लोगों की समस्याआें का हल नहीं हुआ है और दोनों देशों के बीच समस्याओं को हल करने के लिए बातचीत काफी महत्वपूर्ण है। ब्यूरो

Loading...
loading...