Monday , December 17 2018
Loading...

विजय माल्या को जारी लुक आउट नोटिस पर घिरी सीबीआई

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को जारी लुक आउट नोटिस पर घिरी सीबीआई ने मंगलवार को सफाई देते हुए कहा कि हवाईअड्डे पर माल्या को हिरासत में लेने के लिए जारी हुआ पहला लुकआउट सर्कुलर कानूनन वैध नहीं था। उसने कहा कि उस समय कोई वारंट जारी न होने के कारण उसमें बदलाव की जरूरत थी।

एजेंसी सूत्रों के अनुसार, एजेंसी अपनी उस बात पर कायम है कि 16 अक्तूबर, 2015 को जारी नोटिस के आधार पर 24 नवंबर, 2015 को लंदन से लौटने के बाद माल्या की गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं था।

सूत्रों ने कहा कि इस मामले में माल्या सहयोग कर रहा था, सुबूत भी जुटाए जा रहे थे, वह तत्कालीन सांसद था और कोई भी वारंट जारी नहीं हुआ था। इसलिए पहले नोटिस में बदलाव की जरूरत थी। नोटिस में बदलाव की जरूरत महसूस करते हुए एजेंसी ने आव्रजन विभाग को पत्र लिखा। इसमें माल्या को विदेश जाने से रोकने की बजाय उसके आने-जाने की सूचना देने की बात कही गई।

Loading...

सूत्रों ने कहा कि इस दूसरे नोटिस को 24 नवंबर, 2015 को जारी किया गया। यहां तक कि दूसरा नोटिस जारी होने के बाद भी माल्या तीन बार जांच टीम के सामने पेश हुआ और चार बार विदेश दौरे पर गया।

loading...

बता दें कि 62 वर्षीय माल्या 9000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहा है। 2 मार्च, 2016 को वह देश छोड़कर चला गया और ब्रिटेन में भारत प्रत्यर्पण किए जाने के मुकदमे का सामना कर रहा है।

Loading...
loading...