Saturday , October 20 2018
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‘मर्द को दर्द नहीं होता’ ने जीता अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

मुंबई के निदेशक वासन बाला की फिल्म ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ को 43वें टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में ‘ग्रोल्स व्यूअर्स च्वाइस अवार्ड’ मिला है। ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ ने डेविड गॉर्डन की ‘ग्रीन्स हैलोवीन’ और सैम लेविन्सन की ‘असासिनेशन नेशन’ को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया। ये दोनों फिल्में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।

‘मर्द को दर्द नहीं होता’ को टीआइएफएफ के ‘मिडनाइट मैडनेस’ सेशन में प्रदर्शित किया गया। रविवार दोपहर फिल्म को पुरस्कार मिलने के बाद निर्देशक बाला ने कहा, ‘मुझे अभी तक यकीन नहीं हो रहा है। शायद मुंबई वापस जाते समय यकीन हो जाए।’ फिल्म में नवोदित अभिनेता अभिमन्यु दस्सानी और राधिका मदान ने अभिनय किया है। दस्सानी ने एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है, जो एक रोग से ग्रसित है, जिसके चलते उसे दर्द नहीं होता।

‘द मैन हू फील्स नो पेन’ अंग्रेजी टाइटिल वाली यह फिल्म 70 और 80 के दशक में मार्शल आर्ट पर आधारित एक्शन कॉमेडी से भरपूर है। वहीं, लंदन में रहने वाली भारतीय मूल की संध्या सूरी की निर्देशित भारतीय फिल्म ‘द फील्ड’ ने आईडब्ल्यूसी इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म अवॉर्ड जीता है। उन्होंने कहा, ‘यह आश्चर्यजनक है कि टीआईएफएफ में ग्रामीण भारत की एक महिला के बारे में बनी फिल्म को मान्यता मिली है।’

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