Wednesday , November 21 2018
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भारतीय खिलाड़ी रवींद्र जडेजा ने एक बार फिर अपनी काबिलियत को किया साबित

इंग्लैंड के खिलाफ चल रहे आखिरी और पांचवे टेस्ट मैच में भारतीय खिलाड़ी रवींद्र जडेजा ने एक बार फिर अपनी काबिलियत को साबित किया है। मैच के दौरान उन्होंने ऐसे वक्त में करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारी खेली जब टीम इंडिया को रनों की सबसे ज्यादा दरकार थी। उन्होंने सतर्कता और आक्रामकता की अच्छी मिसाल पेश की और 156 गेंदों का सामना करके 11 चौके और एक छक्का लगाया।

जडेजा ने टेस्ट में पर्दापण कर रहे हनुमा विहारी, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह संग छोटी-छोटी साझेदारी कर एक बार फिर साबित कर दिया कि वो लंबी रेस के घोड़े हैं। उन्होंने सबसे अधिक 86 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड ने 71वें ओवर में जडेजा के खिलाफ विकेट के पीछे कैच के लिए डीआरएस का सहारा लिया लेकिन उसका यह प्रयास नाकाम रहा।

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इसके अलावा हनुमा विहारी ने भी अपने पहले ही मैच में 56 रनों की पारी खेली। मैच के दौरान हर समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड टीम ने खेल पर पूरा नियंत्रण स्थापित कर लिया है। मैच के पहले दिन लंच के बाद, खेल के दूसरे दिन स्टंप पर भारत ने मैच में दोबारा वापसी की। गुजरात के समाचार पत्रों में तो रवींद्र जडेजा छाए हुए हैं। उन्हें अखबार के लगभग सभी पन्नों में जगह दी गई। हालांकि जडेजा और विहारी के महत्वपूर्ण पारियों की बदौलत भी भारत इंग्लैंड की लीड को खत्म नहीं कर सका।

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अभी दूसरी पारी में इंग्लैंड ने दो विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए हैं। मगर इसमें कोई दो राय नहीं कि मैच में भारत ने वापसी की है। अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे एलेस्टर कुक क्रीज जमे हुए हैं। उन्होंने 46 बनाए हैं। तीन दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 154 रनों की लीड बना ली है जबकि उसके पास अभी आठ विकेट हैं।

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