Friday , September 21 2018
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इन कारणों से पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है बुरा असर

लगातार बदलते लाइफस्टाइल और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है, जिससे पुरुषों में बांझपन की समस्या होती है। एक खराब जीवनशैली शुक्राणु की खराब गुणवत्ता और स्तंभन दोष जैसी कई समस्याओं का कारण बन सकती है। अजीब बात यह है कि, पुरुष अपने दिखने के बारे में अधिक चिंता करते हैं और संभावित रूप से कुछ बुरी आदतों से अनजान होते हैं जो उनकी प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। आइए आज हम पुरुषों की ऐसी आदतों के बारे में बताते जिनकी वजह से उनकी प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है।

शराब: शराब पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर करती है। अधिक मात्रा में शराब पीने वाले लोगों में कामेच्छा को कम करती है, टेस्टोस्टेरोन के स्तर और शुक्राणुओं की संख्या को घटाती है। इसके अलावा शराब यकृत की खराबी का एक प्रमुख कारण है जिसकी वजह से भी प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है।

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धूम्रपान: धूम्रपान करने वाले लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि धूम्रपान की वजह से यौन समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। धूम्रपान करने वाले पुरुषों के शुक्राणु की गुणवत्ता को नुकसान पहुंच सकता है। इसमें शुक्राणु गतिशीलता और व्यवहार्यता शामिल है। जो अधिक धूम्रपान करते हैं उनकी पत्नियों को अक्सर गर्भ धारण करने में परेशानी आ सकती है। इसके अलावा शुक्राणु में आनुवंशिक दोषों की वजह से गर्भपात का खतरा भी बना रहता है।

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इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल: ऐसे बहुत से लोग हैं जो दिनभर सोशल मीडिया पर व्यस्त रहते हैं लेकिन ऐसे करते समय वे अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिसका सीधा असर प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। दरअसल, एक शोध के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल करते समय लैपटॉप गोद में रखकर बैठने से अंडकोषों के तापमान में इजाफा होता है। इससे शुक्राणुओं के स्तर और गुणवत्ता को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा पेंट की जेब में रखे मोइबल फोन के रेडिएशन से भी नुकसान होने का खतरा होता है।

गरम पानी से नहाना: अकसर लोग हार्ड वर्कआउट के बाद गरम पानी से नहाने की गलती कर बैठते हैं। ऐसा करने से शुक्राणु एक ऐसे तापमान परिवेश में आ जाते हैं जो शरीर के तापमान से 2-3 डिग्री कम होता है। यदि तापमान बढ़ जाता है, तो शुक्राणु उत्पादन पूरी तरह से बंद हो सकता है।

स्‍ट्रेस: तनाव कई समस्याओं का कारण होता है। वहीं ज्‍यादा मानसिक तनाव लेने से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है जिसका सीधा असर प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। तनाव से छुटकारा पाने के लिए हेल्थी डाइट और व्यायाम करना फायदेमंद होता है।

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