Tuesday , November 20 2018
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हवाई किराये में होगी बढ़ोतरी, एक साल में 40 फीसदी बढ़े हवाई ईंधन के दाम

अब हवाई सफर के दौरान ज्यादा किराया देने के लिए तैयार हो जाइये। देश में कार्यरत तमाम एयरलाइंस ऐसा करने जा रही हैं। पिछले एक साल में हवाई ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में 40 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है, जिसके कारण कंपनियां ऐसा कदम उठाने को मजबूर हो रही है। गौरतलब है कि हवाई परिचालन में ईंधन पर कंपनियों का सबसे ज्यादा पैसा खर्च होता है।

इतना आया कंपनियों का खर्चा 
हवाई ईंधन पर देश की तमाम हवाई कंपनियों का काफी पैसा पिछले एक साल में खर्च हुआ है। स्पाइसजेट का खर्चा 52 फीसदी बढ़कर 812 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इंडिगो का ईंधन खर्च 54 फीसदी बढ़कर 2,715 करोड़ रहा। जेट एयरवेज का ईंधन खर्च 53 फीसदी बढ़ गया है। इससे कंपनियों के शुद्ध मुनाफे में भी कमी आई है।

सभी कंपनियों की हालत खस्ता
इस वजह से सभी कंपनियों की हालत काफी खस्ता हो चुकी है। खर्च बढ़ने के कारण स्पाइसजेट को 14 तिमाहियों में पहली बार नुकसान हुआ है। अप्रैल-जून के दौरान इसे 38 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। दिल्ली में घरेलू एयरलाइंस के लिए इसकी कीमत सितंबर 2017 में 50,020 रुपये प्रति किलोलीटर थी, जो अब 69,461 रुपये पर पहुंच गई है।

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छोटी उड़ानों पर नहीं मिलेगा नाश्ता
जेट एयरवेज और एयर इंडिया में यात्रियों को छोटी उड़ानों पर नाश्ता नहीं दिया जाएगा। अगर उनको नाश्ता या फिर चाय-कॉफी चाहिए तो फिर अलग से पैसा खर्च करना होगा। जेट एयरवेज के प्रबंधन ने कहा कि हवाई ईंधन के दामों में बढ़ोतरी से उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। 2016 और 2017 में जहां कंपनी ने लाभ अर्जित किया था, वहीं 2018 के वित्त वर्ष में उसे 767 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा।

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हवाई यात्रा के दौरान ज्यादा सामान ले जाना महंगा साबित होगा। एयर इंडिया को छोड़कर के बाकी सभी एयरलाइंस ने अतिरिक्त सामान ले जाने के चार्ज में 33 फीसदी का इजाफा कर दिया है।

अब खर्च करने होंगे इतने रुपये

अगर कोई यात्री पहले से ज्यादा सामान की बुकिंग करता है, तो वो 45 किलो तक के एक्सट्रा सामान को अपने साथ ले जा सकेंगे। इंडिगो और गो एयर ने 5, 10, 15 और 30 किलो के अतिरिक्त सामान के लिए प्री-बुकिंग कराने पर 1900 रुपये, 3800 रुपये, 5700 रुपये व 11400 रुपये खर्च करने होंगे। वहीं जो घरेलू यात्री प्री-बुकिंग नहीं करेंगे उनको 400 रुपये प्रति किलो खर्च करने होंगे।

स्पाइसजेट ने लागू किया यह नया चार्ज
स्पाइसजेट ने भी 5, 10, 15 और 30 किलो अतिरिक्त सामान ले जाने पर 1600 रुपये, 3200 रुपये, 4800 रुपये, 6400 रुपये और 9600 रुपये देने पड़ेंगे। वहीं प्री-बुकिंग नहीं करने वाले यात्रियों को 400 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चार्ज देना पड़ेगा।

ये है कारण
40 प्रतिशत हिस्सेदारी हवाई ईंधन के दामों की होती है किसी भी टिकट में
01 भी डॉलर एटीएफ महंगा होने पर टिकट के दाम बढ़ाकर ही इसे संतुलित करती है एयरलाइंस
25 फीसदी ज्यादा महंगा रहा है मई 2017 में एटीएफ का भारतीय बाजार पिछले साल मई के मुकाबले

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