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दो दोषियों को सजा-ए-मौत, तीसरे को आजीवन कारावास

हैदराबाद में हुए दोहरे बम विस्फोट मामले में तीनों दोषियों को सजा सुना दी गई है। अदालत ने दो दोषियों को मौत की सजा और तीसरे दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सोमवार को मेट्रोपोलिटन सेशन न्यायालय ने इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के एक आतंकी तारिक अंजुम को दोषी करार दिए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके बाद दो अन्य आरोपियों अनीक शफीक सैय्यद और अकबर इस्माइल चौधरी को सजा-ए-मौत दी गई है। पहले तारिक अंजुम को विस्फोट में शामिल आतंकियों को आश्रय देने का आरोपी पाया गया था। अदालत ने इन्हें पिछले सप्ताह 4 सितंबर को दोषी करार दिया था।

बता दें कि 2007 में हुए इन बम विस्फोटों में 42 लोगों की मौत हुई थी। 25 अगस्त 2007 को हैदराबाद में एक के बाद एक लगातार दो बम विस्फोट हुए थे। इसमें गोकुल घाट पर हुए एक बम विस्फोट में 32 लोगों की जान गई थी, जबकि लुंबिनी पार्क में हुए विस्फोट में 10 लोगों ने जान गंवाई थी। इन बम विस्फोटों में 50 से ज्यादा लोग घायल हए थे।

अनीक पर लुंबिनी पार्क में बम रखने का आरोप है जिसमें विस्फोट से 10 लोगों की मौत हुई थी। जबकि अकबर ने जो बम दिलसुखनगर में रखा था उसमें विस्फोट नहीं हुआ था। अक्टूबर 2008 में महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते ने इन्हें गिरफ्तार किया था।

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वहीं दो अन्य आरोपियों फारूक शरफुद्दीन और सादिक अहमद शेख को न्यायालय ने पहले साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। तीन अन्य आरोपियों में इंडियन मुजाहिद्दीन का सरगना रियाज भटकल और उसका भाई इकबाल भटकल अभी भी फरार हैं।

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