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खतरनाक मोमो चैलेंज गेम के खिलाफ खड़े हुए सरकार के तीन विभाग

ऑनलाइन गेम मोमो चैलेंज बच्चों में तेजी से वायरल हो रहा है, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है। अजमेर, सिलिगुड़ी और कोलकाता में बच्चों के आत्महत्या के मामले सामने आने के बाद मानव संसाधन मंत्रालय, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में देश में इस गेम को वायरल होने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के लिए कहा गया है।

बच्चों, टीनएजर्स के लिए खतरनाक

तीनों ही विभागों ने जारी अपनी एडवाइजरी में कहा है कि मोमो चैलेंज गेम बच्चों में तेजी से वायरल हो रहा है। यह गेम बच्चों, टीनएजर्स के लिए ज्यादा खतरनाक है। इसलिए स्कूलों को इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता लेने की जरूरत है। अगर कोई भी बच्चा इससे संबंधित गतिविधि में नजर आता है कि तो उसकी काउंसिलिंग की जाए। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों से इस गेम को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा है।

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मोबाइल से पर्सनल डेटा चुराता है

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एडवाइजरी में कहा गया है कि यह गेम केवल इनविटेशन के जरिए ही खेला जा सकता है। गेम के चलते बच्चों में आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा है कि मोमो चैलेंज गेम फेसबुक से शुरु हुआ और व्हाट्सएप लिंक के जरिए तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक मोमो का सोशल मीडिया व्हाट्सएप, फेसबुक और यूट्यूब पर अकांउट है। साथ ही, मोमो चैलेंज भी ब्लू व्हेल की तरह है, यह कई सीरीज में खेला जाता है। साथ ही यह गेम मोबाइल से पर्सनल डेटा भी चुराता है।

फेसबुक या व्हाट्सएप से करते हैं संपर्क

एडवाइजरी के मुताबिक मोमो गेम में इस्तेमाल की जा रही फोटो जैपेनीज आर्टिस्ट मिदोरी हयाशी के कलेक्शन से चुराई गई है, जिनका इस गेम से कोई मतलब नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक इस गेम को ऑपरेट करने वाले यूजर्स फेसबुक या व्हाट्सएप पर किसी अपरिचित नंबर से संपर्क करते हैं और गेम में हिंसक टास्क को पूरा करने के लिए उकसाते हैं, जो सीधे मौत को गले लगाने पर खत्म होता है। अगर कोई टास्क को पूरा करने से मना कर देता है, तो उसे धमकी भरे और विचलित करने वाले फोटोग्राफ्स भेजे जाते हैं। यहां तक कि कई बार उसे सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक करने और झूठे आरोप लगाने के भी मामले आए हैं। एडवाइजरी में बताया गया है कि ये अकाउंट जापान, मैक्सिको और कोलंबिया के अलावा लैटिन अमेरिका के कुछ छोटे द्वीपों से संचालित किए जा रहे हैं।

माता-पिता दें ध्यान

एडवाइजरी में कहा गया है कि खतरनाक मोमो चैलेंज गेम से बचने के लिए माता—पिता बच्चों के हिंसक बर्ताव पर ध्यान दें। यहां तक कि खुद को नुकसान पहुंचाने वाले टास्क पूरे करते-करते बच्चे खुदकुशी की स्टेज तक पहुंच सकते हैं। एडवाइजरी के मुताबिक अगर माता-पिता या टीचर बच्चों में अकेलेपन के कुछ ऐसे लक्षण दिखें जिसमें वे बातचीत से कटने लगे हैं, उदास रहने लगे हैं या अचानक उनका व्यवहार गुस्सैल हो गया है, तो उनकी काउंसलिंग करें। वहीं अगर उनके शरीर पर अप्रत्याशित रूप से कटने या किसी और तरह के जख्म के निशान दिखें तो सावधान हो जाएं।

इनवाइट ब्लॉक करें

वहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोमो चैलेंज से जुड़े किसी भी लिंक को ओपन न करें, इनवाइट आने पर ब्लॉक कर दें। साथ ही कोई भी टास्क पूरा न करें। अगर टास्क पूरा न करने पर कोई धमकी दे, तो कतई न डरें। साथ ही धमकी आने पर ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड बदल दें।

गौरतलब है कि अर्जेंटीना में इस चैलेंज से पहली बार 12 साल की लड़की मौत हुई। उसने अपने टास्क का विडियो अपने फोन पर बनाया और खुदकुशी कर ली। इस गेम में एक डरावनी, मोटी आंखों वाली खतरनाक सी महिला की फोटो फोन पर आती है, आगे खेलने के लिए चैलेंज करती है। गेम खेलने वाले को कई पड़ाव पार करने होते हैं जिससे कि वह मोमो से मिल सके। ये पड़ाव या टास्क काफी खतरनाक हैं जो खुदकुशी के लिए उकसाते हैं।

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