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2070 आते-आते दुनिया के सबसे सेहतमंद व्यक्ति की 6 घंटे में हो सकती है मौत

ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने और तीन साल पहले हुए पेरिस जलवायु समझौते पर चर्चा करने के लिए अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को में 12 से 14 सितंबर तक ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन समिट का आयोजन किया जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण दुनिया में हो रहे नुकसान को देखते हुए इस समिट को काफी अहम माना जा रहा है। इनवायरमेंटल रिसर्च लेटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के देश ग्लोबल वार्मिंग को लेकर अगर अब भी नहीं संभले तो 2070 आते-आते पृथ्वी की जलवायु में खतरनाक परिवर्तन देखने को मिलेगा। वेट बल्ब तापमान (गर्मी और उमस) में बेतहाशा वृद्धि होगी, जिस कारण दुनिया के सबसे सेहतमंद व्यक्ति की 6 घंटे में मौत हो सकती है।

इसलिए 6 घंटे में हो सकती है मौत

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दरअसल, किसी व्यक्ति के जिंदा रहने के लिए जरूरी है कि वेट बल्ब तापमान 35 डिग्री सेल्यिस से अधिक न हो। लेकिन 2070 आते-आते इसकी फ्रीक्वेंसी 100 से 250 गुना बढ़ जाएगी, जबकि सिंधु, गंगा और उत्तर भारत के तटीय इलाके (गैग्नेटिक प्लेन) में वेट बल्ब तापमान साल में औसतन एक बार ही 31 डिग्री सेल्सियस पहुंचता है। तापमान में अचानक इतनी वृद्धि होने से गर्मी घटाने की शरीर की क्षमता काफी कम हो जाएगी। इससे शरीर में पानी की मात्रा काफी कम हो जाएगी।

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 10 देशों में सबसे अधिक भारत को होगा नुसकान

वेट बल्ब तापमान के 35 डिग्री तक पहुंचने के कारण भारत, चीन, अमेरिका, पश्चिमी अफ्रीका, वियतनाम, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, फिलीपींस और मिडिल ईस्ट के कई देशों को नुकसान होगा। सबसे अधिक नुकसान भारत को होगा। मुंबई और कोलकाता के अधिकांश हिस्से डूब जाएंगे। अत्यधिक गर्मी के कारण खेत सूख जाएंगे, जिससे देश की 22.8 करोड़ और आबादी बेरोजगार हो जाएगी।

वेट बल्ब तापमान के 35 डिग्री सेल्सियम तक पहुंचने पर…

-12 फीसदी बढ़ जाएगा समुद्र का जलस्तर, जबकि 6 डिग्री बढ़ जाएगा पृथ्वी का तापमान
-30 फीसदी दुनिया की आबादी गर्म हवाओं की चपेट में आ जाएगी

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