Wednesday , September 19 2018
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झारखंड का पहला मेगा फूड पार्क होगा नीलाम, जाने कितनी हो सकती है इसकी कीमत

झारखंड का पहला मेगा फूड पार्क उत्पादन शुरू करने से पहले ही नीलाम हो रहा है। इस फूड पार्क के निदेशक का दुबई में निधन हो गया था जिसके बाद इसका पूरा प्रबंधन गड़बड़ा गया। राज्य के उद्योग सचिव विनय कुमार चौबे ने शुक्रवार को बताया कि अगले महीने नीलामी की तारीख का एलान किया जाएगा। दो-तीन महीने में नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बता दें कि झारखंड के पहले मेगा फूड पार्क का निर्माण गेतलसूद में होना था।

उन्होंने बताया कि रांची डीसी और इलाहाबाद बैंक के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिया गया है। बैंक को फूड पार्क का वैल्यूएशन करने को कहा है। रांची डीसी इसका आदेश निकालेंगे, पर नीलामी बैंक ही करेगी।

चौबे ने कहा कि इस मेगा फूड पार्क कंपनी के डायरेक्टर नितिन शिनोई का दुबई में निधन हो गया था। इसके बाद पूरा प्रबंधन फेल हो गया। कंपनी ने इलाहाबाद बैंक से 37 करोड़ रुपए लोन लिया था, जो एनपीए हो चुका है। ऐसे में बैंक ने इसे कब्जे में ले लिया है।

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फूड पार्क की एक भी यूनिट लगी नहीं और हो गया था उद्घाटन 

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इस फूड पार्क की स्थापना गेतलसूद डैम के पास रियाडा की 56 एकड़ जमीन पर हुआ था। तत्कालीन राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी, तत्कालीन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री सुबोधकांत सहाय और बाबा रामदेव ने 23 फरवरी 2009 को इसका शिलान्यास किया था। यहां 33 यूनिट लगनी थी। लोहरदगा, गोला, कोडरमा और हजारीबाग में स्टोर बनाने के साथ कच्चे माल की प्रोसेसिंग होनी थी। उद्योग विभाग ने इसके लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) भी बना दिया था।

झारखंड सरकार ने केंद्र से मांगी थी सलाह

राज्य सरकार ने लोन के एनपीए होने का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से निर्देश मांगा था। उद्योग निदेशक के रविकुमार ने खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के निदेशक अतुल सक्सेना को पत्र लिखा था। कहा था कि मेगा फूड पार्क ने इलाहाबाद बैंक से लोन लिया था, जो एनपीए हो चुका है। इस पर 16 फरवरी 2018 से 39.21 करोड़ बकाया है। उन्होंने केंद्र से निर्देश मांगा था।

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