Wednesday , November 14 2018
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अगर आपके पास भी है यह चेक बुक तो इस तारीख के बाद हो जाएगी बेकार

अगर आप चेक के द्वारा अभी भी लेन-देन का काम करते हैं तो यह खबर पढ़ लें। अब आपकी चेक बुक बेकार होने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक ने उन बैंक ग्राहकों के लिए फरमान जारी कर दिया है, जो अभी भी भुगतान के लिए नॉन सीटीएस चेक बुक का प्रयोग करते हैं।

इस तारीख से बंद हो जाएगी चेक बुक
केंद्रीय बैंक ने कहा है 1 जनवरी 2019 से नॉन सीटीएस चेक बुक का प्रयोग पूरी तरह से बंद हो जाएगा। बैंक ऐसे चेक को लेना पूरी तरह से बंद कर देंगे। अब आरबीआई के निर्देश के बाद बैंक अपने ग्राहकों को पुरानी चेक बुक की जगह नई चेक बुक लेने की सलाह दे रहे हैं।

इन बैंकों में अभी भी चल रहे हैं पुराने चेक
देश के तमाम प्रमुख बैंक जैसे कि पंजाब नेशनल बैंक में पुराने नॉन सीटीएस चेक चल रहे हैं। सीटीएस यानि ‘चैक ट्रंकेशन सिस्टम’ में चेक को भुनाने का काम जल्दी होता है। इस व्यवस्था में चेक के समाशोधन के लिए एक बैंक से दूसरे बैंक में ले जाने की जरूरत नहीं होती। इसके समाशोधन के लिए केवल इलेक्ट्रानिक प्रति पेश की जाती है। इस व्यवस्था में भौतिक रूप से चेक को लाने-ले जाने का खर्चा बचता है और समाशोधन में लगने वाला समय कम होता है। इससे ग्राहकों को बेहतर सेवा मिलती है।

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चेक बुक की सुविधा नहीं होगी वापस
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि चेकबुक सुविधा वापस लेने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। सरकार की तरफ से यह स्पष्टीकरण मीडिया के कुछ हिस्सों में उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा जा रहा था कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार निकट भविष्य में चेकबुक सुविधा वापस ले सकती है।

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वित्त मंत्रालय की तरफ से ट्वीट में कहा गया, ‘भारत सरकार यह पुष्टि करती है कि बैंकों की तरफ से चेकबुक सुविधा वापस लेने का उसके पास कोई प्रस्ताव नहीं है।’

अभी भी होता है चेक से ज्यादा पेमेंट
नोटबंदी के बाद सरकार द्वारा डिजिटल पेमेंट को काफी बढ़ावा देने के बावजूद भी ज्यादातर कारोबारी चेक के जरिए पेमेंट करते हैं, लेकिन कई बार चेक डिसऑनर हो जाते हैं। खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के अलावा चेक बाउंस होने के कई कारण होते हैं जिनमें कटिंग, सिग्नेचर मिसमैच, शब्दों में राशि लिखते वक्त and या ‘और’ का प्रयोग करने से भी चेक बाउंस हो जाता है।

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