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    Categories: क्राइम

बंदी की मौत पर हंगामा

शहर कोतवाली पुलिस एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। बाइक चोरी के आरोप में जेल में बंद बंदी की झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में हुई मौत के मामले में परिजनों ने शव वापस लौटने पर जेल चौराहे के पास जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। वहीं, लोगों के आक्रोश को भांपते हुए पुलिस प्रशासन पहले ही अपनी पूरी तैयारी में था।
जेल में बंद बंदी के मौत के मामले में जहां जेल प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं।

वहीं, कोतवाली पुलिस पर भी बाइक चोरी के मामले में झूठा फंसाने के आरोप लग रहे हैं। गौरतलब हो कि मृतक बंदी शमशाद को बाइक चोरी के आरोप में कोतवाली पुलिस ने 21 अगस्त को जेल भेजा था। वहां पिछले दस दिनों से वह बीमार चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि उसे ठीक से उपचार नहीं दिया गया और उपचार के एवज में रुपयों की मांग की गई। जिला अस्पताल से रेफर होने के बाद झांसी ले जाते समय शनिवार की शाम को उसकी मौत हो गई। शमशाद की मौत के बाद शहरवासियों में आक्रोश फैल गया और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति भांपते हुए पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली। शमशाद का शव झांसी से रवाना होते ही पुलिस ने बड़ैरा चौराहे से पुलिस की एक जीप और तालबेहट से एक जीप शव की एंबुलेंस के साथ शामिल हो गई।

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इसके साथ ही बीघाखेत स्थित टोल प्लाजा से पुलिस की तीन गाड़ियों ने एंबुलेंस के साथ चलना प्रारंभ कर दिया। वहीं, शव आने की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में लोग जेल चौराहे पर एकत्र हो गए और हंगामा करने लगे। इस एंबुलेंस पहुंचते ही लोगों ने शव को नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। वहीं, मौजूद लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रोड को जाम कर दिया। एक घंटे से अधिक समय तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद लोग कुछ शांत हुए। इस दौरान जेल चौराहे समेत सभी प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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हर कदम पर उठ रही उंगलियां
परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन के हर कदम पर उंगलियां उठाते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। परिजनों ने बताया कि बाइक चोरी के खुलासे में पुलिस ने निर्दोष होने के बाद भी जबरन फंसा दिया और जेल भेज दिया। जबकि शमशाद का इस मामले से कोई भी लेना-देना नहीं था और न ही वह मौके पर मौजूद था। पुलिस ने उसे फरार दिखाते हुए बाइक चोरी का आरोपी बना दिया। इस दौरान परिजनों ने पुलिस पर रिश्वत मांगने के रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है। वहीं जेल प्रशासन पर इलाज के लिए रिश्वत मांगने के आरोप लगाते हुए बताया कि शमशाद की हालत बिगड़ने के बाद भी जेल प्रशासन ने उसका इलाज करवाना उचित नहीं समझा। शुगर 500 के ऊपर जाने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।

कोतवाली पुलिस और एक सिपाही के खिलाफ नारेवाजी
जेल चौराहे पर हुए हंगामे में मौजूद भीड़ ने कोतवाली प्रभारी व पुलिस और श्याम सुंदर के खिलाफ नारेवाजी करते हुए दोनों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान लगभग आधे घंटे दोनों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगते रहे।

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