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राजीव गांधी हत्याकांड के आरोपी हो सकते हैं रिहा

चुनावी रैली के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की वर्ष 1991 में बम से उड़ाकर हत्या करने के 7 दोषियों को तमिलनाडु सरकार ने रिहा करने का निर्णय लिया है। रविवार को राज्य में सत्ताधारी अन्ना द्रमुक ने कैबिनेट बैठक बुलाकर ये निर्णय लिया। कैबिनेट का यह फैसला राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को भेज दिया गया है।

कैबिनेट के फैसले की जानकारी राज्य के मत्स्य पालन मंत्री डी. जयकुमार ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ये फैसला लिया गया। बता दें कि ये सभी दोषी 27 साल से जेल में बंद हैं और इस समय आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। बता दें कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की तरफ से राज्यपाल को इन सभी की दया याचिकाओं पर तत्काल विचार करने के आदेश के चार दिन बाद आया है।

इन 7 लोगों को छोड़ने की हुई है सिफारिश
राज्यपाल को भेजी गई सिफारिश में आजीवन कारावास की सजा काट रहे वी. श्रीहरण उर्फ मुरुगन, टी. सतेंद्रराजा उर्फ संथम, एजी पेरारिवलन, जयकुमार, पी. रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस और नलिनी को रिहा करने के लिए कहा गया है। इनमें मुरुगन, संथम और पेरारिवलन को मौत की सजा दी गई थी, लेकिन उनकी दया याचिकाएं लंबे समय तक लंबित रहने के कारण 18 फरवरी, 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा भी उम्रकैद में तब्दील कर दी थी।

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2014 में भी हुई थी कोशिश
इससे पहले वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने भी इन्हें रिहा करने का फैसला किया था, लेकिन केंद्र सरकार के विरोध के कारण उन्हें वह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा था। शनिवार को राज्य में प्रमुख विपक्षी दल द्रमुक के अध्यक्ष स्टालिन ने भी इन्हें रिहा करने की मांग उठाई थी। अब राज्य सरकार के इस फैसले से फिर एक बार इस मुद्दे पर राजनीति शुरू होने की उम्मीद बन गई है।

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