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जेनेरिक फॉर्मा में सरकार देगी युवाओं को रोजगार

जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जल्द ही एक और बड़ा निर्णय लेने जा रही है। अभी तक सरकार ने देश भर में जेनेरिक केंद्रों की संख्या बढ़ाने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। अब इन्हीं केंद्रों के जरिए सरकार बेरोजगार युवाओं के लिए नया विकल्प देने जा रही है।

अमर उजाला को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के तहत जल्द ही केंद्र सरकार देश भर में युवाओं के लिए जेनेरिक दवाओं को लेकर फॉर्मा कोर्स शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके लिए एक प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजा गया है। उम्मीद है कि अगले एक से दो माह के बीच में इस पर फैसला लिया जा सकता है।

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दरअसल देश में महंगे उपचार और दवाओं की घपलेबाजी को लेकर करीब आठ वर्ष पहले कई तरह के अभियान चलाए गए थे, जिसके बाद तत्कालीन सरकार ने जेनेरिक दवाओं पर जोर दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर इसे सार्थक बनाने में असफलता हासिल हुई। इसके बाद वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश में जेनेरिक दवाओं के दायरे को बढ़ाने में काम शुरू हुआ। स्थिति यह है कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने 3910 जेनेरिक केंद्रों की स्थापना की है।

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जल्द ही ये आंकड़ा पांच हजार तक पहुंचने जा रहा है। इसके अलावा दवाओं की कमी को दूर करने के लिए सरकार डिजिटल इंडिया तक तकनीकी सिस्टम पर भी जोर दे रही है। यही नहीं मरीजों को जेनेरिक दवाओं की जानकारी आसानी से हासिल हो, इसके लिए भी मोबाइल एप बेस्ड तकनीकी पर काम जारी है। अब सरकार इसे रोजगार से जोड़कर भी देख रही है।

कोर्स के साथ मिल सकेगा रोजगार      
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि लंबे समय से जनऔषधि में फॉर्मासिस्ट्स तैयार करने की मांग चली आ रही है। इसका फायदा भी ज्यादा होगा। अभी तक देश में ऐसा नहीं है। ड्रग एवं कास्मेटिक एक्ट के तहत जो नियम सामान्य केमिस्ट के लिए हैं, वहीं नियम जनऔषधि केंद्र संचालक के लिए भी हैं। लेकिन जेनेरिक दवाओं में फॉर्मासिस्ट्स तैयार होने के बाद इन्हें विशेषज्ञता हासिल हो सकेगी। साथ ही वे कोर्स के बाद सरकार की परियोजना से जुड़कर रोजगार भी पा सकेंगे।

पीएमओ के फैसले के बाद होगी घोषणा  
एक सवाल के जवाब में अधिकारी ने बताया कि जब तक पीएमओ की ओर से किसी भी तरह का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक इसकी घोषणा करना जल्दबाजी होगा। हालांकि अभी तक सकारात्मक पक्ष मिलने के चलते इस प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है। ताकि मंजूरी मिलने के बाद तत्काल इस फॉर्मा कोर्स को नए शैक्षणिक सत्र से शुरू किया जा सके।

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