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फेसबुक लाइव पर रू-ब-रू हुए गजल सम्राट तलत अजीज

सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी गजल गायिकी से लोगों का दिल जीतने वाले तलत अजीज आज फेसबुक लाइव के जरिए अमर उजाला के पाठकों से रूबरू हुए। कमेंट बॉक्स में पाठकों ने सवाल पूछे और उनकी गजल गायकी की फरमाइश की। उन्होंने किसी पाठक को निराश नहीं किया और उनकी हर आरजू पूरी की।

गजल किंग तलत जी ने कई फिल्मों के लिए एक पार्श्व गायक के रूप में उन्होंने अपनी आवाज दी है। चाहे बाजार फिल्म का गीत, फिर चली बात रात फूलों की…, चाहे उमराव जान की नज़्म ‘जिंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें’और डैडी फिल्म की गजल ‘आइना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे’बहुत लोकप्रिय हुए।

गीत-संगीत और गायकी की परंपरा इन्हें भी घर के माहौल से मिली। घर में लगनी वाली महफिलों ने अजीज के बाल मन को गजलों का ऐसा रूहानी अंदाज दिया कि उनका जीवन गीत-गजलों की तरन्नुम बन कर रह गया।  तलत अजीज ने अपना पहला एलबम जगजीत सिंह के निर्देशन में 1980 में रिलीज किया।

जगजीत सिंह इसके कंपोसर थे। इसका नाम था जगजीत सिंह प्रेसेन्ट्स तलत अजीज…बाद में खय्याम साहब ने तलत अजीज को ‘उमराव जान’ के साथ रूपहले पर्दे पर पेश किया। अजीज की आवाज में जिंदगी जब भी तेरी बज्म में लाती है…एक जमाने में हर गमजदा मन का संबल हुआ करता था।

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फिल्म बाजार की गजल…फिर छिड़ी रात बात फूलों की और डैडी का गीत…आईना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे…अजीज को हमेशा गीत-गजलों के प्रमुख हस्ताक्षर के रूप में शुमार करते रहेंगे। तलत ने टीवी सीरियलों को भी कंपोज किया है। इनमें दीवार, बाज, अधिकार, गुनाह, सैलाब, आर्शीवाद आदि शामिल हैं। इनके कुछ प्रमुख एलबम हैं लहरें, एहसास, सुरूर, सौगात, तसव्वुर, मंजिल धड़कन…

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