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कॉमनवेल्थ गेम्स का ‘गोल्डन ब्वॉय’ बनेगा महाराष्ट्र का डीएसपी

गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान राहुल अवारे को पुलिस उप-अधीक्षक नियुक्त करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। राहुल अवारे को अगले सप्ताह ही यह कार्यभार सौंपा जा सकता है। कॉमनवेल्थ गेम्स की फ्री स्टाइल रेसलिंग में देश को सुनहरा तमगा दिलाने वाले राहुल ने बताया कि वह बचपन से ही आर्मी या पुलिस की वर्दी को लेकर काफी उत्सुक हैं।

राहुल ने बताया कि उनके पिता बालासाहेब 1999 के करगिल युद्ध की कहानियां राहुल को सुनाया करते थे। बस तीभी से उनके दिल में वर्दी को लेकर एक उमंग जाग उठी। राहुल ने बताया, ‘मैं जब 8-9 साल का था तब करगिल युद्ध चल रहा था।’

उन्होंने बताया, ‘पिताजी मुझे उसके बारे में अखबार पढ़कर बताते थे। बीड जिले के पटोदा तालुका से आर्मी के तीन जवान शहीद हो गए थे। हमारे गांव के भी एक जवान शहीद हो गए थे, उनका नाम नवनाथ वालेकर था। यह खबर सुनकर मैं बहुत दुखी हो गया था। तभी मैंने सोचा था कि मैं आर्मी या पुलिस इंस्पेक्टर बन कर देश की रक्षा करूंगा।’

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राहुल अवारे के पिता बालासाहेब खुद भी एक पहलवान ही हैं। वह लगभग 40 लोगों को अपने ट्रेनिंग सेंटर में मुफ्त में पहलवानी सिखाते हैं। इस ट्रेनिंग सेंटर का नाम जय हनुमान व्यायामशाला है, जो पटोदा में बनी है। राहुल के पिता ने बताया कि मैं अपने बेटे की उपलब्धि से काफी खुश हूं और आज मुझे वो दिन याद आता है जब राहुल मुझसे पुलिस की वर्दी खरीदने की जिद करता था।

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