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तो क्या लोकलुभावन योजनाओं के सहारे भाजपा को चौथी बार जीत दिला पाएंगे शिवराज ?

देश की नजरें 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर टिक गई हैं। देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर के राजनेताओं की नजर इस बात पर है कि क्या नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे या फिर इस बार सत्ता के सिंहासन पर कोई और ही बैठेगा। हालांकि इससे पहले चार राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। जो भाजपा के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा नजर मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव पर है। जहां भाजपा चौथी बार सत्ता पाने की जुगत में लगी है। इस बार के चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए भी कड़ी परीक्षा है। वह अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं के भरोसे इस चुनाव में मैदान में उतर रहे हैं। लेकिन सवाल यही है कि क्या शिवराज सिंह चौहान इस बार इन योजनाओं के जरिए चुनाव जीत पाएंगे।

बता दें कि 6 सितंबर को एससी/एसटी कानून के खिलाफ सवर्णों द्वारा किए गए भारत बंद का भी सबसे ज्यादा असर इसी राज्य में देखने को मिला। फिलहाल शिवराज सिंह चौहान पूरे राज्य में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। लेकिन इस दौरान सवर्ण जाति के लोग उनका विरोध कर रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ यही कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि वह सभी समुदाय को लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में 172 कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। जिसमें नकद राहत भी शामिल है। जिसमें सरकार मदद के रूप में 5 से 10 हजार रुपए नकद देती है। साथ ही बिजली कनेक्शन के लिए भी राज्य में योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमें हर तबके को मदद दी जा रही है। योजनाओं के तहत लोगों के बिजली बिल माफ किए गए हैं।

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इससे पहले पिछले दिनों उन्होंने मंदसौर में एक किसान आंदोलन को संबोधित किया था। जिसमें उन्होंने गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 265 की अतिरिक्त राशि की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा किसान ही उनके निर्वाचन क्षेत्र में हैं। इसका जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मंदसौर में उन्होंने एक सार्वजनिक बैठक आयोजित की थी। जिसमें भारी संख्या में लोग उन्हें समर्थन करने पहुंचे थे। साथ ही कहा कि पिछले चुनाव में पार्टी ने 2008 और 2013 की तुलना में बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। यह राज्य में चलाई जा रहीं गरीब कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही संभव हुआ।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता कमलनाथ धर्म की राजीति कर रहे हैं। और हर पंचायत में गोशाला खोलने की बात कर रहे हैं। ऐसा करके वह क्या दिखाना चाहते हैं? जब वह पिछले 50 सालों तक सत्ता में रहे तब उन्होंने यह सब क्यों नहीं किया। भाजपा सूत्रों के मुताबिक चुनाव नजदीक आते ही मौजूदा विधायकों के 50 फीसदी चेहरे बदल जाएंगे।

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