Wednesday , November 14 2018
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आईबी, एनआईए और ईडी भी उतरीं नक्सलियों के खिलाफ

इस बार नक्सलियों पर चौतरफा हमला होगा। 2019 से पहले नक्सल उग्रवादियों को खत्म करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। लड़ाई के मैदान में केवल सुरक्षा बल ही नहीं, बल्कि कई दूसरी एजेंसियां एनआईए (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी), ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आईबी भी सक्रिय तौर पर शामिल हो रही है।

इस बाबत शुक्रवार को रांची में एक महत्चपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ पुलिस के बड़े अफसर भाग ले रहे हैं। बैठक में एनआईए,  ईडी और सीआरपीएफ की विशेष इकाई ‘कोबरा’ के कमांडर भी मौजूद हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों पर यह बैठक बुलाई गई है।

विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार अब नक्सलवाद को ज्यादा समय तक नहीं देखना चाहती। किसी भी तरह से इसे खत्म करना होगा। सरकार की मंशा है कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले नक्सलवाद बहुत हद तक खत्म हो जाए। अगर नक्सली आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उन्हें गोली से काबू किया जाएगा, लेकिन हर सूरत में नक्सलवाद अब खत्म होना चाहिए। जो नक्सली ईमानदारी पूर्वक मुख्य धारा में लौटना चाहते हैं, सरकार उनका सहयोग करेगी।

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अभी तक नक्सलवादियों के खिलाफ संबंधित राज्य की पुलिस, सीआरपीएफ और  दूसरे अर्धसैनिक बल ही मैदान में थे। अब एनआईए और ईडी भी इस ऑपरेशन में शामिल हो गई हैं। झारखंड में व्यापारियों से अवैध वसूली, खनन माफिया और अफीम की खेती आदि से नक्सलियों के पास भारी मात्रा में धन आ रहा है। सीमा पार से हथियार एवं आईईडी में इस्तेमाल होने वाले कई दूसरे उपकरण भी नक्सलियों को मिल रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय की टीम नक्सलियों के पास अवैध तरीके से जो धन आ रहा है, उसकी जांच करेगी। इससे पहले भी ईडी के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी झारखंड पुलिस के साथ बैठक कर चुके हैं।

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नक्सलियों पर न केवल पुलिस या दूसरे सुरक्षा बल हमला करेंगे

झारखंड के डीजीपी डीके पांडे की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में सभी एजेंसी इस बात पर सहमत दिखी कि अब नक्सलियों पर न केवल पुलिस या दूसरे सुरक्षा बल हमला करेंगे, बल्कि एनआईए और ईडी भी अपने तरीके से उनके मामलों की जांच करेंगी। जो बड़े नक्सली हैं, उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अभी तक कमांडर, कोर कमांडर, डिप्टी कमांडर और सब कमांडर जैसे पदों पर तैनात नक्सलियों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। ईडी ने इन लोगों की  प्रॉपर्टी की सूची तैयार कर ली है। पिछले दिनों पीएलएफआई के जोनल कमांडर करगिल यादव, जिस पर दस लाख रुपये का ईनाम था, ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। चतरा में सब-रीजनल कमांडर संजय यादव भी पुलिस के हाथ आ चुका है। अजय महतो दस्ते के बाबू लाल मरांडी और कई अन्य नक्सली भी पकड़े गए हैं। टीपीसी के सब जोनल कमांडर विशु गंजू भी गिरफ्तार हो चुका है।

डीके पांडे ने पिछले दिनों लातेहार के पलामू में एक बैठक में यह संकेत दे दिया था कि मानसून के दौरान ऑपरेशन नहीं थमेगा। नक्सलियों को बुद्धा पहाड़ खाली करना होगा। टॉप नक्सली सुधारकरण रेड्डी, उसकी पत्नी नीलिमा और सहयोगी नवीन यादव और छोटू खरवार की संपत्ति जब्त की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे इनकी गिरफ्तारी में सहयोग दें। इनकी सही एवं स्टीक सूचना देने वाले को एक करोड़ का ईनाम भी दिया जाएगा।

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