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बैंकिंग क्षेत्र में महिलाओं को मिले मौका तो सुधरेंगे हालात

आगामी 15 सितंबर को आर्थिक मंदी के 10 साल पूरे हो जाएंगे। इस मंदी का आसार पूरी दुनिया में देखने को मिला था। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की एमडी क्रिस्टीन लेगार्ड ने एक चेतावनी भरा ब्लॉग लिखा है। उन्होंने कहा है कि हालत अभी भी सुधरे नहीं हैं क्योंकि बैंकिंग सेक्टर में अभी भी पुरुषों का वर्चस्व है।
बैंकिंग सेक्टर में अभी भी बड़े सुधार करने की जरुरत है। इस मंदी की उपज तो अमेरिका में हुई थी, लेकिन इसका असर पूरी दुनिया में 2-3 सालों तक देखने को मिला था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 10 साल बाद भी ऐसी आर्थिक मंदी होने का खतरा बरकरार है या नहीं।

लीमैन सिस्टर्स होती तो न होती मंदी
लेगार्ड ने अपने ब्लॉग में लिखा कि कही 2008 में अगर अमेरिका में लीमैन ब्रदर्स की जगह लीमैन सिस्टर्स होती तो फिर आर्थिक मंदी नहीं होती। अभी भी ब्रिटेन के चार दिग्गज बैंकों के सीईओ पुरुष हैं। वहीं, एफटीएसई में शामिल 100 बड़ी कंपनियों के बोर्ड में महिला डायरेक्टरों का अनुपात गिरता जा रहा है। कॉरपोरेट सेक्टर में भी महिलाओं की लीडरशिप उल्लेखनीय नहीं है।

बड़े से बड़े अर्थशास्त्री हुए विफल
लीमैन ब्रदर्स का पतन एक बड़ा सबक है, बड़े से बड़े अर्थशास्त्री भी इसका अनुमान लगाने में विफल रहे। इसमें सुधार के लिए बड़ा घटक है फाइनेंस क्षेत्र में महिला नेतृत्व बढ़ाना। अमेरिका के बड़े बैंक लीमैन ब्रदर्स की विफलता एक अपमानजनक पल था। 10 साल पहले आर्थिक मंदी के दौरान अमेरिका की अर्थव्यवस्था को 6 से 14 ट्रिलियन डॉलर को नुकसान हुआ था इसके साथ ही देश के दो सबसे बड़े बैंक भी पूरी तरह से दिवालिया होकर समाप्त हो गए थे। मेरिल लिंच का बैंक ऑफ अमेरिका ने अधिग्रहण कर लिया था, वहीं लीमैन ब्रदर्स ने अपने बैंकिंग व्यापार को बार्कलेज व नोमुरा को बेच दिया था।

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इन छह लोगों पर दोष हो पाया था सिद्ध
इतनी बड़ी आर्थिक मंदी का जिम्मेदार करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को बताया गया था, लेकिन आरोप केवल 6 पर ही सिद्ध हो पाए थे। इन छह लोगों में एंगलो-आइरिश बैंक के पूर्व सीईओ डेविड ड्रम, गिल्टनिर के पूर्व सीईओ लॉरस वेल्डिंग, लैंड्सबैंकी के सिगुरजोन अरणासन, कोपथिंग के पूर्व चेयरमैन सिगुरडर इनारसन व पूर्व सीईओ हरिडर मार सिगुरडर व क्रेडिट सुसे के पूर्व ग्लोबल चीफ करीम सेराजेलडिन शामिल हैं।

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अभी भी खतरा है बरकरार

]हालांकि इस आर्थिक मंदी के बाद भी खतरा बरकरार है। डाओ जोंस मार्च 2009 के बाद चार गुणा बढ़ चुका है। वहीं रेटिंग एजेंसी के बाजार पर आज भी पूरे विश्व में केवल 3 कंपनियों का कब्जा है। यह तीन कंपनियां ही रेटिंग व्यापार में प्रत्येक 10 डॉलर में से 9 डॉलर कमा रही हैं।

एक साल पहले भी अमेरिका के 10 बड़े बैंकों के पास आधी से ज्यादा संपत्ति थी और वो आज भी है। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप भी 2010 में बने उस कानून को खत्म करने पर लगे हैं, जिसको इस मंदी के बाद लागू किया गया था।

फॉर्चून 500 कंपनियों में सिर्फ 24 महिला सीईओ 
फॉर्चून 500 कंपनियों में 2018 तक सिर्फ 24 महिला सीईओ रह गई हैं। 2017 में इनकी संख्या 32 थी यानी इनकी संख्या में 25% की कमी आई है। फॉर्चून 500 कंपनियों में महिला नेतृत्व वाली कंपनियां एक दशक में बढ़कर 6.4% हुई है। 10 साल पहले ऐसी कंपनियों की हिस्सेदारी 2.6% ही थी।

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