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2030 तक 40 प्रतिशत वाहन होंगे इलेक्ट्रिक

सियाम ने गुरूवार को सरकार से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिये एक दीर्घकालीन नीति लाने  पर विचार करने को कहा। इस प्रकार की नीति होने से उद्योग भविष्य के लिये निवेश योजनाएं सही तरीके से बना पायेगा। हालांकि सियाम ने इस खंड को वास्तविक संभावना को लागू करने के लिये कम कर की भी मांग की।

सोसाइटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स (सियाम) के सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए निवर्तमान अध्यक्ष अभय फिरोदिया ने सरकार के इलेक्ट्रिक वाहन नीति से अभी तक  दूर रहने के निर्णय पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि सरकार के अनुरोध पर सियाम ने ‘‘ 2030 तक 40 प्रतिशत वाहन बिजली से चलाने तथा 2047 तक 100 प्रतिशत वाहनों को इसके दायरे में लाने के लिये नीति का प्रस्ताव रखा है।’’

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फिरोदिया ने कहा, ‘‘अप्रत्याशित रूप से देश में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को आगे बढ़ाने की घोषणा के बाद सरकार ने यह कहा कि वह ईवी को बढ़ावा देने के लिये औपचारिक रूप से कोई नीति जारी नहीं करेगी लेकिन इसके प्रसार के लिये विशेष कदम उठाये जाएंगे।’’

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फिरोदिया ने कहा, ‘ सरकार दीर्घकालीनल दृष्टिकोण नहीं रही है और यह बात इस उद्योग के लिये मददगार नहीं है। स्पष्ट उद्देश्य रखने से उद्योग को भविष्य के निवेश की योजनाएं बनाने में मदद मिलती।’’

उन्होंने कहा कि ईवी के लिये बुनियादी ढांचा और एक पूरे ढांचे की जरूरत है। जीएसटी के बारे में फिरोदिया ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण क्षण था और वाहन उद्योग लंबे समय से इसे सकारात्मक रूप से ले रहा था। ‘उद्योग स्थिर नीति की मांग करता रहा है और ग्राहकों की इस मन: स्थिति में बदलाव का आकांक्षी रहा है कि वाहनों को लग्जरी सामान नहीं समझा जाए ।

फिरोदिया ने कहा कि भारत में अन्य देशों की तुलना में लोगों तक वाहनों की पहुंच कम है। उद्योग बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिये करीब एक लाख करोड़ रुपये निवेश करने की प्रक्रिया में है।

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