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कॉमकासा एग्रीमेंट पर दोनों देशों की मुहर

बृहस्पतिवार को भारत-अमेरिका का द्विपक्षीय रिश्ता अपने नए आयाम के साथ नए युग में प्रवेश कर गया। सालों अगर मगर के बाद दोनों देशों ने कम्युनिकेशंस कॉम्पैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी अग्रीमेंट (कॉमकासा) पर सहमति की मुहर लगा दी।

टू प्लस टू वार्ता में इस समझौते पर मुहर के साथ ही न सिर्फ दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच हॉट लाइन स्थापित होने का रास्ता साफ हो गया है, बल्कि अमेरिका द्वारा अब अपनी संवेदनशील सुरक्षा तकनीकों को भारत को बेचने का भी रास्ता साफ हो गया है। गैरनाटो देशों में सिर्फभारत को इस आशय की सुविधा हासिल होने संबंधी इस समझौते के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि दोनों देश के रिश्तों में अब नए युग की शुरुआत हो गई है।

द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को नया आयाम देते हुए दोनों देशों ने अगले साल संयुक्त सैन्य अभ्यास भारत में कराने पर भी सहमति दी है। समझघते के मुताबिक अब दोनों देश संवेदनशील खुफिया सैन्य जानकारी भी एक दूसरे से साझा करेंगे। दरअसल दोनों देशों के बीच कॉमकास एग्रीमेंट पर अमेरिका अरसे से भारत को राजी करने में जुटा था।

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आलोचकों का कहना था कि इस समझौते के बाद अमेरिका का भारत के सैन्य तंत्र में गैरजरूरी दखलअंदाजी का रास्ता साफ हो जाएगा। अमेरिका देश केसैन्य तंत्र से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं भी हासिल कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक टू प्लस टू वार्ता से पूर्व करीब छह महीने से अमेरिका भारत को इसके प्रति लगातार आश्वस्त कर रहा था। हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस समझौते से जुड़ी सारी जानकारियां साझा नहीं की हैं।

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इसलिए अहम है कॉमकासा एग्रीमेंट

1. भारत पहला गैर नाटो देश जिसे मिलेगी संवेदनशील सुरक्षा सैन्य तकनीक
2. सी-17 ग्लोब मास्टर, सी- 130, पी-81 एयरक्राफ्ट, चिनूक-अपाचे हेलीकॉप्टर  हासिल करने का रास्ता साफ
3. वाणिज्यिक तौर पर उपलब्ध संचार प्रणालियों की जगह हासिल होंगी आधुनिकतम अमेरिकी संचार प्रणाली
4. अमेरिकी मूल के प्लेटफार्म और आधुनर क डिफेंस सिस्टम हासिल करने की बाधा दूर
5. कॉमसाका एग्रीमेंट के बाद बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन अग्रीमेंट फॉर जियो स्पेशल कॉपरेशन का रास्ता साफ
6. करीब आएंगी दोनों देशों की सेना
7. हॉट लाइन से जुड़ेंगे दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री
8. संवेदनशील खुफिया सूचना साझा करने का रास्ता साफ
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