Friday , September 21 2018
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने तैयार किया यह बड़ा प्रस्ताव

बैट्री या एथेनॉल-मिथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों को देश में कहीं भी चलाने के लिए परमिट लेने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने तैयार कर लिया है, जिसे कुछ ही दिनों में लागू किए जाने की संभावना है। इस पर राज्य सरकारें भी सहमत हैं, इसलिए इसे लागू करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। यहां बृहस्पतिवार को सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के 58वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी।

मंत्री ने बताया कि ई-वाहन, मतलब बैट्री से चलने वाले मोटर-वाहनों को देश के किसी भी राज्य में चलाने के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यही नहीं, पेट्रोल-डीजल के अलावा एथेनॉल, बायोडीजल या अन्य वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले मोटर-वाहनों को भी परमिट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही बायो-सीएनजी को भी इसी दर्जे में रखने में बात चल रही है।

यह पूछे जाने पर कि परिवहन तो समवर्ती सूची का विषय है और यदि इस निर्णय को राज्य सरकार नहीं माने तो क्या होगा, गडकरी ने कहा कि इस आशय का प्रस्ताव राज्यों की तरफ से ही आया है। राजस्थान के परिवहन मंत्री यूनुस खान की अध्यक्षता में राज्यों के परिवहन मंत्रियों की एक समिति बनाई गई है। उसी समिति ने ई-वाहन या वैकल्पिक ईंधनों से चलने वाले मोटर-वाहनों को परमिट से अलग रखने की सिफारिश की है।

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बीएस6 वाहन बिक्री की तैयारी करें कंपनियां

इसी सम्मेलन के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एक अप्रैल, 2020 से पूरे देश में बीएस 6 मानक के पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की पूरी तैयारी है। इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने पर्याप्त निवेश किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर)-दिल्ली में तो इस मानक के ईंधन की आपूर्ति भी शुरू हो गई है। इसलिए मोटर वाहन निर्माता उक्त तारीख तक देशभर में बीएस 6 मानक के वाहन बेचने की तैयारी करें। इससे प्रदूषण के साथ वाहन चलाने का खर्च भी घटेगा।
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