Thursday , September 20 2018
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भारत बंद के समर्थन में अब बाजार भी हुए बंद

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्ण वर्ग के संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान पर उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में सुबह से ही बाजार बंद रहे। जिससे दूध और दवा जैसी जरूरी सुविधाएं भी ठप रहीं। देहरादून में नव भारत निमार्ण संस्था की ओर से विरोध रैली निकाली गई।

गुरुवार को विरोध में कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली और गैरसैंण में बाजार बंद रहे। अखिल भारतीय समानता मंच के आवाह्न पर यहां बाजार बंद रहा। बताया गया कि इस बंद को व्यापार संघ सहित कई संगठनों का समर्थन है। रुद्रप्रयाग जिले में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। गोपेश्वर में स्कूल भी बंद कराए गए।

चमोली जिले के गौचर में एससी एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद का व्यापक असर रहा । सुबह से ही बाजार पूरी तरह से बंद रहा। जिससे दूध, दवा जैसी आवश्यक सेवाओं के प्रतिष्ठान भी ठप रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से खरीददारी करने आए ग्रामीणों को बैरंग लौटना पड़ा। सभी मेडिकल स्टोर पूर्णतया बंद रहने से मरीजों के तीमारदार दवाओं के लिए भटकते रहे।

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बाजार में जगह – जगह नुक्कड़ सभाओं में बैठे व्यापारी एससी एसटी एक्ट और आरक्षण के विरोध में चर्चा- परिचर्चा में मशगूल रहे। गौचर में बंद के समर्थन में गुरुवार शाम को विशाल जलूस-प्रदर्शन का आयोजन रखा गया है। वहीं टिहरी के चमियाला में भी बाजार बंद कर तहसील में प्रदर्शन किया गया। यहां विराेध स्वरूप जुलूस भी निकाला गया। श्रीनगर गढ़वाल श्रीकोट में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। यहां सिर्फ मेडिकल स्टोर ओर खाने के ढाबों को छूट मिली है। भारत बंद के तहत गुप्तकाशी बाजार में चाय, सब्जी और मेडिकल स्टोर सहित सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। कर्णप्रयाग में सभा अधिकारी कर्मचारी संघटन ने भारत बंद को समर्थन दिया।

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वहीं बागेश्वर, अल्मोड़ा के चौखुटिया और हल्द्वानी के चोरगलिया बाज़ार में भी बंद का असर देखने को मिला। चंपावत में भी विरोध में स्कूल और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कराए गए।

महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस मुस्तैद रहेगी

वहीं भारत बंद के आह्वान पर राजधानी देहरादून के साथ ही राज्य भर में पुलिस विभाग अलर्ट रहेगा। इस दौरान महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस मुस्तैद रहेगी। जबकि एलआईयू और इंटेलीजेंस यूनिट भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने भी संभावित स्थिति को देखते हुए न्यायिक कार्यों से विरत रहने की घोषणा की है।

बता दें कि एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्ण वर्ग के संगठन आंदोलन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने भारत बंद का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर देश के संवेदनशील जिलों में धारा 144 भी लागू की गई है। प्रदेश में भी इसका असर दिख सकता है, लिहाजा पुलिस की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि कई इनपुट और सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।

पुलिस और एलआईयू को अलर्ट रहने को कहा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखे जाने पर तत्काल रोकथाम के कदम उठाए जाएंगे। पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने किसी प्रकार के आंदोलन या प्रदर्शन की सूचना होने से इंकार किया है। वहीं अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने की घोषणा की है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल का कहना है कि पूरे देश में प्रदर्शन होते हैं तो इसका असर देहरादून में भी देखा जा सकता है। वादकारियों को परेशानी न हो इसलिए यह घोषणा की गई है।

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