Wednesday , September 26 2018
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बढ़ सकता है आपका होम और ऑटो लोन, जान ले ये बड़ी बात

डॉलर के मुकाबले गिरते हुए रुपये के बीच आपके लिए एक और बुरी खबर। अगले महीने भारतीय रिजर्व बैंक अपने रेपो रेट में और बढ़ोतरी कर सकता है, जिसके बाद होम और ऑटो लोन लेना महंगा हो जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि रुपये पिछले पांच दिनों में 2 फीसदी से अधिक टूट चुका है। एसबीआई ने भी इकोरैप रिसर्च रिपोर्ट में यह बात कही है।

सरकार नहीं उठाएगी कोई कदम

इस बीच वित्त मंत्रालय के अफसर ने संकेत दिए कि सरकार रुपए में गिरावट को रोकने के लिए कदम नहीं उठाएगी। 2013 में 5 माह में 30% कमजोर हुआ था। रुपये को 64 से 71 तक आने में 8 महीने लगे। लेकिन 2013 में यह 5 महीने में ही 53 से 69 तक पहुंच गया था। इसलिए जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य रणनीतिकार आनंद जेम्स ने कहा कि एक डॉलर की कीमत 73 तक जा सकती है।

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एसबीआई ने किया था इजाफा

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देश के सबसे बड़े बैंक– भारतीय स्टेट बैंक ने लोन की ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है। इसका मतलब यह है कि होम लोन से लेकर के पर्सनल लोन तक सभी महंगे हो गए हैं। बैंक ने ब्याज दरों में 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

इतनी अवधि वाले लोन पर मार

बैंक ने तीन साल तक की अवधि वाले लोन पर ब्याज दरों को बढ़ाया है। अब बैंक का एक महीने की अवधि वाला एमसीएलआर (मॉर्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट) 7.9 फीसदी से बढ़कर 8.1 फीसदी हो गया है। वहीं एक साल की अवधि वाला एमसीएलआर 8.25 फीसदी से बढ़कर 8.45 फीसदी हो गया है। वहीं तीन साल की अवधि वाले लोन के लिए आपको 8.45 फीसदी की जगह 8.65 फीसदी ब्याज देना होगा।

1 अगस्त को आरबीआई ने दिया था झटका

भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा झटका देते हुए रेपो रेट में 0.25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है। केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो रेट में भी बदलाव कर दिया है। अब नया रेपो रेट 6.5 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गया है। इससे लोगों के लिए लोन लेना काफी महंगा हो जाएगा।

महंगाई, पेट्रोल, कमजोर बारिश बना बड़ी वजह

पिछले दो महीनों में खुदरा और थोक महंगाई काफी बढ़ गई है। पेट्रोल और डीजल के दाम भी लगातार बढ़ते गए, क्योंकि रुपया लगातार कमजोर होता गया। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें इस साल लगभग 20 फीसदी बढ़ चुकी है और मई के दौरान क्रूड ऑयल 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर चला गया. क्रूड का यह स्तर 2014 के बाद का सर्वाधिक स्तर है।

इसके साथ ही मानसून भी बीच के महीनों में कमजोर हो गया था, लेकिन अब कई हिस्सों में बहुत ही भारी बारिश हो रही है। अबतक पूरे देश में सामान्य से 6 फीसदी कम बारिश हुई है। अगस्त में मानसून की चाल कमजोर रहेगी। वहीं, पूरे सीजन के लिए मानसून का अनुमान घटाकर सामान्य से 92 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। पहले एजेंसी ने पूरे सीजन में 96 से 104 फीसदी बारिश का अनुमान जताया था।

बरकरार रखा जीडीपी ग्रोथ का अनुमान

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019 में जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा है। आरबीआई के मुताबिक अप्रैल-सितंबर में जीडीपी ग्रोथ 7.5-7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं, जुलाई-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.2 फीसदी रहने का अनुमान है।

अक्टूबर 2013 के बाद यह पहला मौका होगा जब रिजर्व बैंक ने लगातार दो बार ब्याज दरों में इजाफा किया है। अक्टूबर-मार्च के बीच महंगाई दर 4.8 फीसदी रहने का अनुमान है। मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की अगली बैठक 3-5 अक्टूबर को होगी।

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