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‘पति ने मेरे बेटे को मार डाला, अब बेटी को भी नहीं छोड़ेगा’

महिला एसएसपी के पास पहुंची और दहाड़े मार-मारकर रोने लगी। कहती रही कि पति ने मेरे बेटे को मार डाला और अब वह मेरी बेटी को भी नहीं छोड़ेगा। मामला पंजाब के बरनाला का है। जिला फरीदकोट के गांव मल्लां से अपने बुजुर्ग पिता के साथ यहां एसएसपी कार्यालय पहुंची परमजीत कौर नामक महिला ने अपने पति को बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उसने चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि वो (पति) उसकी मासूम बेटी की भी हत्या कर देगा। पीड़िता ने अपने बेटे की मौत की जांच कराने की गुहार लगाई है।

मरे बच्चे का मुंह तक नहीं दिखाया
पीड़िता परमजीत कौर ने पुलिस से कहा है कि उसका बेटा न कभी बीमार हुआ और न ही कभी कोई चोट लगी तो उसकी मौत कैसे हो गई। उसके नशेड़ी पति ने उसके बेटे की हत्या की है। मामले को खुर्द-बुर्द करने के लिए उसे बच्चे का मुंह तक नहीं दिखाया गया। यहां तक कि उसके बच्चे का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया। उसने पुलिस को कहा कि जब उसके बेटे की चिता को आग लगाई जा रही थी उसने श्मशानघाट पर मौजूद पंचायत के सामने मौत के कारणों की पुष्टि करने की पुकार भी की थी। लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा और वह अपने पिता के साथ वापस मायके लौट गई।

बेटी को नशेड़ी पति से मुक्त कराने की गुहार
पीड़िता परमजीत कौर ने पुलिस से गुहार लगाई है कि बेटे की मौत की गहराई से जांच की जाए। उसके साथ ही उसकी बेटी खुशप्रीत को उसके नशेड़ी पति के चंगुल से छुड़ाया जाए। उसने कहा कि पहले उसके पति ने उसके बेटे का कत्ल किया, अब उसकी बेटी का भी कत्ल कर देगा।

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बच्चों को हासिल करने के लिए पति के खिलाफ अदालत में केस विचाराधीन

पीड़िता परमजीत कौर की शादी करीब 12 साल पहले जिला बरनाला के भदौड़ कस्बा निवासी रेशम सिंह पुत्र गुलजार सिंह के साथ हुई थी। उसके दो बच्चे हुए थे। बेटा भान सिंह जो करीब 11 साल का था और बेटी खुशप्रीत जिसकी उम्र करीब 7 साल है।

उसने बताया कि उसका पति नशे करने का आदि था, रोकने पर उससे मारपीट व लड़ाई-झगड़ा करता था। जिससे दुखी होकर वह अपने पिता अजायब सिंह के पास चली गई थी। पिता पर बोझ नहीं बनते हुए उसने अलग से किराए पर मकान ले लिया था। उसका पति उसके दोनों बच्चों को छीनकर अपने पास ले गया था।

जिसके बाद उसने बरनाला की जिला अदालत में तलाक व दोनों बच्चों को पति के चंगुल से आजाद कराने की केस दायर किया था, जो विचाराधीन है। एसएसपी हरजीत सिंह का कहना है कि परमजीत कौर की शिकायत की जांच कराने की जिम्नेमेदारी डीएसपी (इन्वेस्टीगेशन) को सौंपी गई है। पीड़िता को पूरा इंसाफ दिलाया जाएगा। अगर आरोप सही साबित हुए तो आरोपितों को बख्शा नहीं जाएगा।

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