Monday , April 22 2019
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‘साइबर युद्ध’ के लिए कमर कस रहीं टीएमसी और भाजपा

अगले साल होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा ‘साइबर युद्ध’ के लिए कमर कसने लगी हैं। दोनों ही पार्टियों ने अपने आईटी सेल का पुनर्गठन शुरू कर दिया है।

तृणमूल कांग्रेस ने आईटी सेल की कमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी को सौंपी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन एवं अभिषेक सोशल नेटवर्किंग साइटों पर बेहद सक्रिय हैं। तृणमूल ने 10 सितंबर को यहां एक डिजिटल सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया है। इसमें भावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

यही नहीं पार्टी सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों को भी सोशल मीडिया पर सक्रिय होने का निर्देश दे रही है। तृणमूल कांग्रेस सोशल मीडिया के जरिये सरकार के कामकाज और उसकी उपलब्धियों का प्रचार प्रसार करने की योजना बना रही है। साथ ही 40 हजार युवाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दूसरी ओर, अमित शाह ने भी पार्टी युवा कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर मौजूदगी बढ़ाने को कहा है। उन्होंने सोशल मीडिया को ममता बनर्जी सरकार और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ प्रमुख हथियार बनाने के लिए कहा है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के भाषण एवं केंद्र सरकार की नीतियों का बांग्ला में अनुवाद कर सबको सोशल मीडिया के जरिए बंगाल में घर-घर पहुंचाने की योजना है।

प्रदेश भाजपा महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि पार्टी राज्य के तमाम मतदान केंद्रों के लिए अलग अलग फेसबुक पेज एवं व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की तैयारी में है। इसका मकसद विभिन्न मुद्दों को उठाना और उन पर जनमत तैयार करना है। यही नहीं भाजपा अपने आधुनिकतम आईटी सेल के लिए नया दफ्तर भी तलाश रही है।

उल्लेखनीय है कि राज्य में लोकसभा की 42 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस के कब्जे में 34 सीटें हैं जबकि भाजपा के पास महज दो सीटें हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अबकी 22 से ज्यादा सीटनें का लक्ष्य तय किया है। भाजपा को उम्मीद है कि इसे हासिल करने में सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

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