Saturday , September 22 2018
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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार

बिक्री समितियों के गठन में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार की जमकर खिंचाई की। शीर्ष अदालत ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर एक्ट 2014 को लागू हुए चार साल बीत चुके हैं, इसके बावजूद दिल्ली में टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) का अब तक गठन नहीं हुआ। जस्टिस मदन बी. लोकुर, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस दीपक गुप्ता की तीन सदस्यीय पीठ ने राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर टीवीसी के गठन की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी।

इससे पहले दिल्ली की तीनों नगर निगमों की तरफ से पेश वकील ने पीठ से कहा कि 26 टीवीसी के चुनाव 15 जुलाई को ही कराए जा चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की तरफ से कमेटियों के गठन की अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इस पर दिल्ली सरकार की तरफ से पेश एडिशन सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने पीठ से आवश्यक कदम उठाए जाने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, लेकिन पीठ ने सरकार को अधिसूचना जारी करने के लिए एक सप्ताह की ही मोहलत दी है।

एलजी से कहिए, ये होना है
पीठ ने जब दिल्ली सरकार की तरफ से मौजूद अधिकारी को भी इस संबंध में अधिसूचना जारी करने के लिए कहा तो उनकी तरफ से इसकी फाइनल उपराज्यपाल (एलजी) के पास जाने की बात कही। इस पर पीठ ने कहा कि आप एलजी से कहिए कि ये होना ही है।

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वेंडरों की बेदखली पर अभी सुनवाई नहीं
सुनवाई के दौरान स्ट्रीट वेंडरों की तरफ से पेश हुए एडवोकेट प्रशांत भूषण ने पीठ से कहा कि 2007 स्कीम के तहत आवेदन करने वाले वेंडरों को अधिकारियों ने बेदखल कर दिया है। उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की। इस पर पीठ ने यह कहकर उन्हें रोक दिया कि फिलहाल यहां सिर्फ टीवीसी को लागू करने और सरकार से उस पर अधिसूचना जारी कराने की बात हो रही है।

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