Wednesday , November 14 2018
Loading...
Breaking News

एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ सवर्णों का भारत बंद, यहाँ जाने क्या है माजरा

09.11 AM: बिहार के बाद अब मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी असर दिखना शुरू।

09.05 AM: मध्यप्रदेश के भिंड में धारा 144 का कोई असर नहीं, लोग कर रहे प्रदर्शन।

Loading...

09.04 AM: कैमूर के रतवार गांव के पास प्रदर्शन शुरू, बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगे।

loading...

08.59 AM: पटना के बाढ़ में करणी सेना का प्रदर्शन,  पूरा बाढ़ शहर किया बंद। एससी एसटी एक्ट से आजादी नारे लगा रहे प्रदर्शनकारी।

08.55 AM: प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों के शीशे तोड़े।

08.54 AM: जहानाबाद में एनएच-83 और 110 जाम।

08.45 AM: लखीसराय विद्यापीठ के चौक को लोगों ने किया जाम।

08.38 AM: बिहार के मोकमा में प्रदर्शन शुरू। बीजेपी का झंडा लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं लोग। आरा में भी लोगों ने ट्रेन रोकी।

08.37 AM: स्वर्णों के भारत बंद का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। बिहार में कई जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। बेगूसराय में भी प्रदर्शन शुरू, एनएच-31 पर लगाया जाम।

08.36 AM: बिहार के छपरा में प्रदर्शनकारियों ने भीखारी ठाकुर चौक को जाम किया।

08.35 AM: बिहार के सीतामढ़ी में दरभंगा में भी लोगों ने शुरू किया प्रदर्शन। रक्सैल जा रही ट्रेन को रोककर प्रदर्शन कर रहे हैं लोग।

08.32 AM: बिहार के लखीसराय जिले में भी लोग जुटे। उन्होंने  एनएच-80 को जाम किया है।

08.15 AM: बिहार के मधुबनी में स्वर्ण आंदोलनकारियों ने एनएच-105 पर जाम लगा दिया है। लोग मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

08.12 AM: बिहार के छपरा में स्वर्णों ने एनएच-19 पर जाम लगा दिया है। बड़ी संख्या में लोग मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।

08.04 AM: बिहार के आरा में सवर्णों ने आरा रेलवे स्टेशन के पास लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को रोक दिया है। लोग यहां कह रहे हैं कि इस कानून में जल्द बदलाव किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो देश में बड़ा आंदोलन होगा।

 यूपी में अलर्ट 
भारत बंद को देखते हुए यूपी में अलर्ट जारी किया गया है। डीजीपी मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिला अधिकारियों को जरूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील जिलों में पीएसी व अर्द्धसैनिक बलों को जरूरत के लिहाज से तैनात किया गया है। खुफिया विभाग को सतर्क रहने को कहा गया है। जानकारों के अनुसार राज्य के खुफिया विभाग ने बिजनौर, इलाहाबाद, कासगंज, बांदा, भदोही, हरदोई, बरेली, मथुरा, आजमगढ़, लखनऊ व मऊ आदि जिलों को अधिक संवेदनशील मानते हुए रिपोर्ट भेजी हैं।

एक्ट में संशोधन वोटों की राजनीति
गौतमबुद्धनगर के कई संगठनों ने भारत बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि यह सिर्फ वोटों की राजनीति है, इसे वापस लिया जाए। वहीं, जिले भर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एसएसपी ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी प्रतिष्ठान को जबरन बंद न कराने दें और जबरदस्ती करने पर सख्त कार्रवाई करें।

मध्य प्रदेश के तीन जिलों में 144 लागू 
भारत बंद को देखते हुए मध्य प्रदेश के तीन जिलों मुरैना, भिंड एवं शिवपुरी में एहतियातन धारा 144 लगा दी गई है। धारा 144 भारत बंद के अगले दिन यानी 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। पिछली बार एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को बुलाया था। तब सबसे ज्यादा हिंसा मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में हुई थी।

राजस्थान में स्कूल-कॉलेज बंद 
राजस्थान में सवर्ण समाज के कई संगठनों ने भारत बंद का समर्थन दिया है। संगठनों ने कर्मचारी अधिकारियों से दफ्तर न जाने, अभिभावकों से अपने बच्चों को स्कूल न भेजने, दुकान व फैक्ट्री संचालकों से अपने-अपने प्रतिष्ठान नहीं खोलने का आह्वान किया है। लगभग सभी शिक्षण संस्थानों ने छुट्टी की घोषणा कर दी है। कई सरकारी कर्मचारियों ने बंद का समर्थन करते हुए छुट्टी की अर्जी भी लगा दी है। कई फैक्ट्री मालिकों ने स्टाफ को छुट्टी देकर फैक्ट्री बंद रखने के निर्णय किया है।

विधानसभा चुमावों में बंद का दिख सकता है असर

क्या है विरोध
एससी-एसटी संशोधन विधेयक 2018 के जरिये मूल कानून में धारा 18ए जोड़ी जाएगी। इसके जरिये पुराना कानून बहाल हो जाएगा और सुप्रीम कोर्ट का फैसला रद्द हो जाएगा। मामले में केस दर्ज होते ही गिरफ्तारी और अग्रिम जमानत नहीं देने का प्रावधान है। आरोपी को हाईकोर्ट से ही नियमित जमानत मिल सकेगी. मामले में जांच इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस अधिकारी ही करेंगे। सवर्ण संगठनों इन्हीं प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं।

सवर्णों को शांतिपूर्वक आक्रोश जताने का हक : कांग्रेस
भारत बंद के आह्वान पर कांग्रेस ने कहा है कि उच्च जातियों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी नाराजगी जाहिर करने का पूरा हक है। पार्टीे प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि देश में लोगों में बेचैनी है और यह सिर्फ उच्च जातियों तक ही सीमित नहीं है। केंद्र सरकार के खिलाफ देश में हर समाज के लोगों में आक्रोश और चिंता है। देश में अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है, रुपया डूब रहा है, भयंकर बेरोजगारी है। नोटबंदी और दोषपूर्ण जीएसटी से व्यापारी, उद्योग सभी परेशान हैं। इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार जिम्मेदार है। उसे लोगों की चिंताओं और परेशानियों का जवाब देना चाहिए।

सीएम शिवराज ने ली ओबीसी सांसदों, मंत्रियों, विधायकों की बैठक
सीएम हाउस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओबीसी सांसदों, मंत्रियों, विधायकों के साथ जिला पंचायत, जनपद और जनप्रतिनिधियों को बुलाकर बैठक की। इसमें तय किया गया है कि ओबीसी के नेता जिलों में जाकर एससी-एसटी और सवर्णों के बीच की कड़ी बनें और वर्ग भेद को बढ़ाने के प्रयास को खत्म करें।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानो, नहीं तो हम देंगे समाधान : ठाकुर
ग्वालियर में आयोजित स्वाभिमान सम्मेलन में भागवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सरकार एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप व्यवस्था लागू करे। दो महीने में समस्या का हल नहीं निकला तो हम खुद समाधान ढूंढ लेंगे।

सीएम से मिलने पहुंचे युवा इकाई के पदाधिकारी

सपाक्स समाज के अध्यक्ष डॉ. केएल साहू ने बताया कि इन संगठनों के बंद का हमने नैतिक समर्थन करने का निर्णय लिया है। सपाक्स की युवा इकाई के कुछ पदाधिकारी देर शाम कोलार में हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने पहुंच गए। युवा इकाई के अध्यक्ष अभिषेक सोनी ने बताया कि हम सीएम के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। जो सपाक्स के मुद्दों पर तर्कसंगत बात करेगा, हम उसका साथ देंगे।

सपाक्स समाज की मांगें
आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए।
जिस परिवार को एख बार आरक्षण का लाभ मिल जाए उसे दोबारा न मिले।
प्रमोशन में आरक्षण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए

जानिए सपाक्स संस्था के बारे में
सपाक्स संस्था सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था मध्य प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों का संगठन है। सपाक्स का मुख्य उद्देश्य सरकारी नौकरियों में एवं पदोन्नति में आरक्षण को समाप्त कराना है। झूठे दलित एक्ट प्रकरणों की बढ़ती संख्या देखते हुये हरिजन एक्ट को तर्क संगत बनाते हुये समान नागरिक कानूनों का निर्माण कराना है।

आदिवासी और हरिजन वर्ग के आरक्षण के प्रावधानों में पिछड़ा वर्ग के जैसे आय सीमा की बंदिश लगाते हुये क्रीमीलेयर का प्रावधान लागू कराने को सपाक्स संघर्षरत हैं।  विद्यार्थियों और युवाओं में भी आयु सीमा, परीक्षा में अंकों, फीस, चयन मापदंडों, उम्र के मापदंडों में कदम कदम पर होते भेदभाव को समाप्त कराने सपाक्स के कार्यकर्ता संघर्षरत हैं।

Loading...
loading...