X
    Categories: मध्य प्रदेश

एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ सवर्णों ने दिखाई ताकत

मोदी सरकार के संशोधित एससी-एसटी एक्ट को लेकर सवर्ण समाज में नाराजगी बढ़ रही है। सवर्ण समाज के लोगों ने मंगलवार को ग्वालियर में बड़ी संख्या में जमा होकर इस एक्ट का विरोध किया। उन्होंने बृहस्पतिवार को बंद का आह्वान किया है। ग्वालियर में महारानी लक्ष्मीबाई के समाधि स्थल के सामने फूलबाग में हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग ‘स्वाभिमान सम्मेलन’ के तहत जमा हुए।

करणी सेना समेत तमाम संगठनों ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन में शामिल हुए कथा वाचक देवकीनन्दन ठाकुर ने कहा कि जांच के बगैर गिरफ्तारी का कानून तो पाकिस्तान में भी नहीं है। हम सरकार के खिलाफ नहीं हैं लेकिन हमें न्याय चाहिए।

कांग्रेस ने नहीं, हमारे लालों ने फेंका जूता
इस बीच करणी सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजेंद्र सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर जूता कांग्रेस ने नहीं हमारे लालों ने फेंका था। बता दें कि शिवराज सीधी में जब एक सभा में बोल रहे थे तो उन पर चप्पल फेंकी गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।

Loading...
संशोधित एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ बढ़ती नाराजगी को देखते हुए ग्वालियर में शस्त्र लायसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। शिवपुरी में छह सितंबर तक धारा 144 लगा दी गई है। प्रशासन 02 अप्रैल को दलित आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा को ध्यान में रखकर ऐहतियात बरत रहा है। इंटरनेट सेवाओं को बाधित करने की भी खबर है।

सतना में दिग्विजय सिंह का विरोध
संशोधित एससी-एसटी एक्ट की मुखालफत कर रहे लोगों ने सतना में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का विरोध किया। हालांकि वह हाथ जोड़कर आगे निकल गए। इससे पहले केंद्रीय नरेंद्र सिंह तोमर और थावरचंद गहलोत को इस मुद्दे पर विरोध का सामना करना पड़ा था। यही नहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लोगों के विरोध का शिकार हो चुके हैं।

loading...
Loading...
News Room :

Comments are closed.