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ओला, उबर की तर्ज पर अब ट्रैक्टरों की भी होगी बुकिंग

ओला, उबर की तर्ज पर अब खेती के लिए ट्रैक्टर या दूसरे उपकरण भी किराए पर बुक कराए जा सकेंगे। नीति आयोग द्वारा किसानों को किराए पर उपकरण मुहैया कराने के मुहिम को बढ़ाने को देश ही नहीं विदेशी कंपनियां भी आगे आ रही है। टेक कंपनी एरिस ने फोन और ऐप के जरिए किराए पर उपकरण मुहैया कराने की सेवा शुरू की है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में अब महज एक फोन कॉल या एप के जरिए किसान उपकरण किराए पर ले सकेंगे। हालांकि हरियाणा और पंजाब में कंपनी द्वारा यह सेवाएं नहीं मुहैया करायी जा रही हैं, क्योंकि वहां पहले ही यह सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनियां हैं और किसानों के पास संसाधन समुचित हैं। उद्योग संगठन फिक्की द्वारा आयोजित कराए गए कार्यक्रम में कंपनी ने मंगलवार को हैलो ट्रैक्टर एप की शुरुआत की। कंपनी ने दावा किया है कि वह किसानों को किराए की सस्ती दर पर ट्रैक्टर समेत अन्य उपकरण मुहैया कराएगी।

फिक्की के मुताबिक यह कंपनी नाइजीरिया में पहले से ऐसी सेवाएं दे रही है, जहां सफलता मिलने के बाद सरकार से मंजूरी मिलने पर उसने देश में यह शुरुआत की है। कंपनी के अध्यक्ष ऋषि मोहन भटनागर के मुताबिक देश में 63 फीसदी किसानों के पास ढाई एकड़ से कम की जमीन है। जबकि 90 फीसदी किसानों के पास 5 एकड़ से कम जमीन है। ऐसे में ट्रैक्टर खरीदना उनकी क्षमता से बाहर है।

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फिक्की की आईसीटी समिति के अध्यक्ष अंबरीश के मुताबिक इस तरह के नए प्रयोग के जरिए किसानों के लिए खेती आसान हो जाएगी। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। देश की सरकार लगातार निजी क्षेत्र की सहायता से किसानों को राहत मुहैया कराने का प्रयास कर रही है। अब वैश्विक कंपनियां भी ये सेवाएं किसानों को मुहैया कराने के लिए भारत का रुख कर रही हैं।

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कंपनी के बयान के मुताबिक वह ट्रैक्टरों से अपनी सेवाएं शुरु करने जा रही है और जल्द ही बाकी कृषि उपकरण जैसे सीडर, कंबाइनर, थ्रेशर, चॉपर जैसी सेवाओं को भी इसके दायरे में लेकर आएगी। गौरतलब है कि नीति आयोग ने किराये पर खेती के उपकरण मुहैया कराने की योजना को बढ़ावा देने की योजना तैयार की थी। लगातार सरकार की अनुमति पर निजी क्षेत्र की कंपनियां इस मुहिम में शामिल हो रही हैं।

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