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लुधियाना में तैनात हेड कांस्टेबल ने खुद को मारी गोली

लुधियाना के थाना डिविजन दो में तैनात हेड कांस्टेबल गुरचरण सिंह (48) ने सोमवार की सुबह थाने में ड्यूटी के दौरान ही सरकारी एसएलआर से खुद को गोली मार ली। गोली उसके माथे पर जा लगी। जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुन ऊपर बैठे मुलाजिम तुरंत नीचे पहुंचे, लेकिन तब तक गुरचरण सिंह की मौत हो चुकी थी। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दी।

सूचना मिलने के बाद एडीसीपी वन गुरप्रीत सिंह सिकंद, एसीपी सेंट्रल वरियाम सिंह व थाना डिविजन दो के नवनियुक्त एसएचओ एसआई सतवंत सिंह मौके पर पहुंच गए। हालांकि पुलिस का कहना है कि गुरचरण सिंह ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि रात के समय अपने पास रख कर सोने वाले हथियार को अलमारी में रखते समय अचानक चली गोली उसके माथे पर लगी है, जिस कारण उसकी मौत हुई। उसके आत्महत्या करने के कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुए हैं।

अंदेशा है कि उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही थी। वह एएसआई प्रमोट तो हो हो चुका था, लेकिन विभागीय कार्रवाई के कारण उसके कंधे पर स्टार नहीं लगा था। पुलिस ने पटियाला से हेड कांस्टेबल गुरचरण सिंह के पारिवारिक सदस्यों के आने के बाद जांच कर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मूलरूप से रायकोट के गांव ताजपुर निवासी हेड कांस्टेबल गुरचरण सिंह कुछ समय पहले पटियाला में ट्रांसफर हो गया था। वहां उसे पुलिस लाइन में सरकारी घर मिल गया। वह परिवार के साथ वहां रहने के लिए चला गया। करीब डेढ़ साल पहले ही वह लुधियाना आया था और थाना डिविजन दो में तैनात था।

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ज्यादा अनुपस्थित रहने के कारण चल रही थी विभागीय कार्रवाई

हेड कांस्टेबल गुरचरण सिंह शराब पीने का आदी था। कभी कभार तो वह दिन में ही शराब पीना शुरू हो जाता था। अधिक शराब पीने की वजह से वह कई बार ड्यूटी से गैर हाजिर भी रहा। जिस कारण उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चल रही थी। कुछ दिन पहले हेड कांस्टेबल से प्रमोट होकर एएसआई बने मुलाजिमों की लिस्ट में गुरचरण सिंह का नाम भी था। लेकिन विभागीय कार्रवाई होने की वजह से लटकी हुई थी।

मुंशी था छुट्टी पर तो टेंपरेरी तौर पर अधिकारियों ने लगा दी ड्यूटी 
हेड कांस्टेबल गुरचरण सिंह थाना डिविजन दो में तैनात था और वहीं पर ही रहता था। थाना डिविजन दो में नाइट मुंशी तैनात गुरबिंदर सिंह छुट्टी पर था। रविवार की रात को नाइट मुंशी गुरबिंदर सिंह के छुट्टी पर होने के कारण अधिकारियों ने हेड कांस्टेबल गुरचरण सिंह को टेंपरेरी तौर पर एक दिन के लिए मुंशी की ड्यूटी निभाने के लिए बोल दिया था। वह रविवार की रात को ड्यूटी पर था और सोमवार की सुबह उसने गोली मार कर आत्महत्या कर ली।

राइफल अलमारी में रखते वक्त लगी गोली : एसीपी
एसीपी सेंट्रल वरियाम सिंह ने कहा कि पठानकोट में थाने में आतंकी हमला होने का बाद अधिकारियों के आदेश थे कि रात के समय जो भी मुलाजिम थाने में तैनात रहेगा वह अपने पास हथियार रखेगा। हेड कांस्टेबल गुरचरण सिंह रविवार की रात को ड्यूटी पर था तो उसके पास भी एसएलआर पड़ी हुई थी। सुबह आरएसएस शाखा पर जाने के लिए पांच मुलाजिम गए थे तो वह जाते हुए गुरचरण सिंह से हथियार ले गए। जब वह वापस आए तो मुलाजिम ऊपर चाय बनाने चले गए। इसी दौरान गुरचरण सिंह एसएलआर राइफल अलमारी में रखने लगा तो अचानक से गोली चल गई। जो उसके माथे पर जा लगी और उसकी मौत हो गई।

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