Thursday , September 20 2018
Loading...

स्कूलों में स्वच्छता सुविधाएं बेहतर करने में भारत ने की तेज तरक्की

भारत ने स्कूलों में स्वच्छता संबंधी सुविधाएं बेहतर करने की दिशा में काफी तेजी से तरक्की की है। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ऐसे स्कूलों की संख्या काफी तेजी से घटी है जहां स्वच्छता संबंधी सुविधाएं बिल्कुल नहीं हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र बाल निधि के निगरानी कार्यक्रम या जेएमपी ने यह वार्षिक रिपोर्ट तैयार की है जो 1990 से पेयजल, स्वच्छता और सफाई (डब्ल्यूएएसएच) पर वैश्विक प्रगति की निगरानी कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में वर्ष 2000 से 2016 के बीच ऐसे स्कूलों की संख्या बेहद तेजी से घटी है जहां स्वच्छता संबंधी सुविधाएं बिल्कुल भी मौजूद नहीं थीं। यह कमी खुले में शौच करने वाली आबादी के अनुपात से ज्यादा तेजी से हुई है।

हालिया सर्वेक्षण में मासिक धर्म से जुड़े स्वच्छता इंतजामों की उपलब्धता पर भी जानकारी जुटाई गई। सेनेटरी वस्तुओं के निस्तारण के लिए ढक्कन वाले कूड़ेदान रखने वाले स्कूलों में चंडीगढ़ के 98 फीसदी और छत्तीसगढ़ के 36 फीसदी स्कूल शामिल थे। मिजोरम देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जहां 50 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में सेनेटरी कूड़े के निस्तारण के लिए मशीनें लगी थीं।

स्कूलों में स्वच्छता को लेकर तेज सुधार
जेएमपी के अनुमान के मुताबिक, भारत के लगभग सभी स्कूलों में स्वच्छता संबंधी किसी न किसी तरह की सुविधा जरूर है। हालांकि दस साल पहले आधे से ज्यादा स्कूलों में कोई स्वच्छता सुविधा नहीं होने की रिपोर्ट थी।

Loading...
Loading...
loading...