Tuesday , November 20 2018
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ऐसे 5 खेल, जिसमें भारत ने जीते सबसे ज्यादा मेडल

भारतीय दल ने इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में हुए 18वें एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने एशियाई खेलों के इतिहास में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 69 मेडल जीते। अच्छी बात यह रही कि एशियाई खेल 2018 में कुछ मेडल ऐसी स्पर्धाओं से भी मिले, जिससे खेल प्रेमी आश्चर्यचकित हो उठे। वहीं कुछ ऐसी स्पर्धाएं थी, जिसमें मेडल जीतने की पूरी थी और भारतीय एथलीट्स ने बिलकुल भी निराश नहीं किया।

चलिए गौर करते हैं उन 5 खेलों पर, जिससे भारत को सबसे ज्यादा मेडल मिले:

एथलेटिक्स (7 गोल्ड, 10 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज, कुल 19)

भारत एथलेटिक्स में एशियाई खेलों की सर्वकालिक मेडल तालिका में तीसरे स्थान पर है और इस बार 19 मेडल जीतने से उसकी रेटिंग में कोई कमी नहीं आई है। 7 गोल्ड, 10 सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारतीय एथलीट्स ने फैंस को गौरवान्वित किया है।

तेजिंदर पाल सिंह तूर ने पुरुष शॉट पुट में गोल्ड जीतकर एथलेटिक्स में भारत के मेडल का खाता खोला था। इसके बाद नीरज चोपड़ा ने देश को एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार जेवलिन स्पर्धा का गोल्ड मेडल दिलाया।

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मंजीत सिंह ने पुरुषों की 800 मीटर तो अरपिंदर सिंह ने ट्रिपल जंप में गोल्ड जीतकर देश का मान बढ़ाया। महिलाओं में भी प्रभावित किया और 4×400 मीटर रिले का गोल्ड जीता। स्वप्ना बर्मन ने इतिहास रचते हुए हेप्टाथलान में गोल्ड मेडल जीता। जिंसन जॉनसन ने 1500 मीटर में गोल्ड जीता।

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जादूगर दुती चंद ने जोरदार वापसी करते हुए दो सिल्वर मेडल जीते। हिमा दास ने भी व्यक्तिगत व रिले रेस के मेडल्स जीते। एथलेटिक्स ने भारत को खुशियों की सौगात दी और उम्मीद जगाई है कि ओलंपिक में भी तिरंगा सबसे ऊपर होगा।

निशानेबाजी (2 गोल्ड, 4 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज, कुल 9 मेडल)

एथलेटिक्स के बाद निशानेबाजों ने एशियाई खेल 2018 में बेहतरीन प्रदर्शन किया। 18वें एशियाई खेलों में भारत ने दो गोल्ड, चार सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज सहित कुल 9 मेडल जीते। राही सर्नोबत और सौरभ चौधरी ने क्रमशः 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल पर निशाना साधा।

भारत के लिए खुशखबरी यह रही कि युवा निशानेबाजों ने मेडल जीते और उन्होंने देश का भविष्य दर्शाया कि कितना सुनहरा है। जहां चौधरी गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा निशानेबाज बने तो 15 वर्षीय शार्दुल विहान और 19 वर्षीय लक्ष्य ने सिल्वर मेडल जीते।

दीपक कुमार और रवि कुमार ने 10 मीटर एयर राइफल व 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में सिल्वर मेडल जीते। अभिषेक वर्मा और हीना सिद्धू ने ब्रॉन्ज पर कब्जा किया। रवि कुमार और अपूर्वी चंदेला की जोसी ने 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

रेसलिंग (2 गोल्ड, 1 ब्रॉन्ज, कुल 3 मेडल)

विनेश फोगाट एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला रेसलर बनी। उन्होंने जापान की युकी इरी को फाइनल में 3-1 से मात दी थी। बजरंग पूनिया ने 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर अपने फैंस को खुश किया। इसके अलावा दिव्या काकरण ने 68 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

भारत के पास रेसलिंग में अधिक मेडल जीतने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ पहलवानों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक प्रभावी नहीं रहा।

नौकायन (1 गोल्ड, 2 ब्रॉन्ज, कुल 3 मेडल)

भारत के नाविकों ने एशियाई खेलों में कमाल का प्रदर्शन करते हुए काफी प्रभावित किया। भारत ने एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल रोइंग की अलग-अलग स्पर्धाओं में जीते। दुष्यंत चौहान, भगवान सिंह, रोहित कुमार और दत्तु भोकनल ने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया और आगे भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद है।

भारतीय नाविकों ने एशियाई खेलों में अपनी क्षमता दिखाई है और साबित किया है कि वह आगे भी देश का नाम ऐसे ही रोशन करते रहेंगे।

लॉन टेनिस (1 गोल्ड, 2 ब्रॉन्ज, कुल तीन मेडल)

टेनिस टीम से मेडल की इतनी उम्मीद नहीं थी क्योंकि लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा जैसे दिग्गज नाम इस टीम से गायब थे। सानिया मिर्जा अपने पहले बेबी के जन्म की उम्मीद कर रही हैं जबकि पेस ने अंतिम समय में अपना नाम वापस लिया।

हालांकि, इतनी बड़ी परेशानियों के बावजूद भी रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने शानदार प्रदर्शन किया और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा अंकिता रैना ने अपनी प्रतिभा दर्शाई और ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं प्रजनेश गुनेश्वरण ने भी मेंस सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देशवासियों को खुश किया।

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