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    Categories: क्राइम

ससुराल वालों ने विवाहिता का किया ऐसा हाल कि केवल मिली हड्डियां

रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई विवाहिता की ससुरालियों ने हत्याकर शव बन्नाखेड़ा (बाजपुर) के जंगल में जला दिया था। दहेज में तीन लाख नहीं मिलने पर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी पति ने थाने में पत्नी की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में पति, सास और ससुर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पति की निशानदेही पर घटनास्थल से मृतका की हड्डियां बरामद की गई हैं।

ग्राम प्रेमनगर निवासी अमन ने 24 अगस्त को थाने में पत्नी अमनदीप कौर के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। राखी पर अमनदीप भाई के घर नहीं पहुंची थी। इसके बाद ग्राम कुआंखेड़ा में रहने वाली उसकी दादी नसीब कौर ने 27 अगस्त को पुलिस को तहरीर सौंपकर अमनदीप के गायब होने के पीछे ससुरालियों का हाथ होने का शक जताया था। अमनदीप की बरामदगी की मांग को लेकर परिजनों ने थाने का घेराव करने के साथ ही एसएसपी से भी मुलाकात की थी। पुलिस ने 29 अगस्त को धारा 365 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने अमनदीप के पति अमन, ससुर हरवंश सिंह, ममेरे भाई मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नी के अलावा नौकर नरेश कुमार एवं सुरेश कुमार के निवासी बैंतखेड़ी बाजपुर से पूछताछ की।

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पति और ससुर ने दहेज के लालच में अमनदीप की हत्या करने की बात स्वीकारी

मनप्रीत ने कबूला कि 22 अगस्त को अमनदीप को उसके पति अमन, ससुर हरवंश सिंह और सास परमजीत कौर ने गला दबाकर मार दिया था। इसके बाद उसे फोन कर घर बुलाया। वे लोग मनप्रीत की कार (यूके 06 एएन 6931) में शव रखकर बन्नाखेड़ा के जंगल में ले गए। वहां गड्ढा खोदने के बाद 20 लीटर डीजल छिड़ककर उसे जला दिया।

पुलिस ने अमन और उसके पिता हरवंश सिंह से पूछताछ की तो उन्होंने दहेज के लालच में अमनदीप की हत्या करने की बात स्वीकारी। शनिवार सुबह पुलिस ने अमन और हरवंश सिंह की निशानदेही पर फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर राख, जली हुई मिट्टी, अमनदीप के अस्थि अवशेष, जली हुई घड़ी और ब्रेसलेट बरामद कर कब्जे में ले लिए।

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थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने बताया कि मामले में धारा 365 को धारा 302, 304 बी, 201 एवं 120 बी में तरमीम किया गया है। मामले में पति अमन, ससुर हरवंश सिंह, ममेरे भाई मनप्रीत को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फरार सास परमजीत कौर को शाम को पुलिस ने बैलपड़ाव से  पकड़ लिया। टीम में एसओ जोशी के अलावा एसआई ललित बिष्ट, प्रदीप शर्मा, मनोहर चंद्र, सत्येंद्र सिंह बुटोला, फोरेंसिक लैब के एसआई संजय जोशी, गंगा सिंह, सुरेश कुमार और प्रेमपुरी शामिल रहे।

बहू की हत्या कर गुरुद्वारा रवाना हुए थे सास-ससुर

अमनदीप को मौत के घाट उतारने के बाद अगले दिन अमन के पिता हरवंश सिंह और मां गुरुद्वारा श्री हरिमंदर साहिब अमृतसर के लिए रवाना हो गए थे।

दादी के शक ने पहुंचाया कातिलों तक 
मृतका अमनदीप कौर की दादी नसीब कौर शुरू से ही इस बात पर अडिग थी कि अमनदीप को उसके ससुराल वालों ने मार दिया है। पूर्व में भी अमनदीप के साथ मारपीट हुई थी और उसे धमकी दी गई थी।  पुलिस ने भी जब उनकी बात का संज्ञान लेकर अमनदीप के पति अमन, पिता हरवंश सिंह, सास परमजीत कौर सहित कई और लोगों से पूछताछ की तो हत्याकांड का खुलासा हो गया।

मां का साया उठा, गुनहगार पिता को जेल 
अमनदीप की मौत के बाद उसके मासूम पुत्र जसकीरत (3.5) को देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ रहा था। जसकीरत आंखों से सामने मौजूद भीड़ में अपनी मां को ढूंढ रहा था। जसकीरत को दादा हरवंश सिंह से भी बेहद लगाव था। थाने में जसकीरत कभी मम्मी तो कभी दादा के पास जाऊंगा की रट लगाए रहा। अमनदीप कौर के पिता जगसीर सिंह की पांच वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसकी मां जसविंदर कौर गदरपुर और दादी कुआंखेड़ा में रहती है। अमनदीप का अपनी दादी से लगाव था। तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा भाई रणवीर सिंह फिर अमनदीप और उसके बाद छोटी बहन रमनदीप है।

आठ माह पहले बना चुके थे अमनदीप के कत्ल का मंसूबा

अमनदीप के कत्ल का मंसूबा उसके ससुराली आठ माह पहले ही बना चुके थे। दहेज में तीन लाख नहीं देने पर ससुरालियों ने अमनदीप से जबरन सुसाइड नोट लिखवाया। अपने कत्ल का अंदेशा होने पर अमनदीप ने मायके वालों को भी इशारा किया, लेकिन मायके वाले इसे गंभीरता से नहीं ले पाए और ससुरालियों ने अमनदीप की हत्या कर दी।

गदरपुर निवासी अमनदीप कौर की करीब साढ़े पांच साल पहले अमन से शादी हुई थी। शादी के समय ससुरालियों ने 14 लाख रुपये का दहेज मांगा, जिसमें से अमनदीप के मायके वालों ने 11 लाख दे दिए। विवाह के छह माह बाद अमनदीप के पिता की मौत हो गई। संपत्ति के विवाद को लेकर उसकी मां और भाई अलग रहने लगे। पिता की संपत्ति में से कुछ हिस्सा अमनदीप के नाम पर किया गया था। ससुराली इसी संपत्ति को बेचकर अमनदीप से दहेज के तीन लाख रुपये लाने के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे।

आठ माह पूर्व ससुरालियों ने अमनदीप से जबरन सुसाइड नोट लिखवाकर अपने पास रख लिया। अपने कत्ल की आशंका जताते हुए तीन अक्तूबर 2017 को अमनदीप ने अपने मायके वालों को व्हाटसएप पर सुसाइड नोट लिखवाने की बात बताई। साथ ही यह भी लिखा कि वह इतनी कमजोर नहीं है इसलिए कभी आत्महत्या नहीं करेगी। अगर उसके साथ कुछ होता है तो जिम्मेदारी ससुरालियों की होगी। रक्षाबंधन पर अमनदीप का भाई उससे मिलने भी पहुंचा था, लेकिन अमनदीप उसे नहीं मिली। साथ ही ससुरालियों ने अमनदीप के बेटे की भी उससे दूरी बनाकर रखी थी। अब पुलिस बेटे के बयानों को भी साक्ष्य में शामिल करेगी।

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