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यूपीए सरकार के दौरान डूबे हुए कर्ज का सही आंकड़ा छुपाया गया- मोदी

गैर-निष्पादित संपत्ति या डूबा हुआ कर्ज (एनपीए) के मुद्दे पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन यूपीए सरकार पर जोरदार हमला किया। पीएम मोदी ने कहा कि 2008 के बाद 6 साल में 52 लाख करोड़ बैंक कर्ज दिया गया। जबकि (डूबे हुए) कर्ज का सही आंकड़ा छुपाया गया और झूठ बोला गया। देश को बोला गया, सिर्फ दो लाख करोड़ वापस नही आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार आई तो बैंकों से कहा गया कि सही और वास्तविक आंकड़ा देश के सामने रखें जो 9 लाख करोड़ रुपये था।

कांग्रेस के नामदारों के फोन पर दिए जाते थे लोन- मोदी 
एनपीए को लेकर यूपीए सरकार को आड़े हाथ लेते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले बैंक का पैसा एक ही परिवार के लिए रिजर्व रखा जाता था। 60 साल में 18 लाख करोड़ और 2008 के बाद 6 साल में 52 लाख करोड़ बैंक कर्ज दिया गया। ये कर्ज फोन बैंकिंग से दिया गया यानी नामदार बैंकों को फोन कर कर्ज दिलाते थे, जिन धन्ना सेठों को पैसे चाहिए था मिल रहा था।

उस समय नामदार के आशीर्वाद से ही नियुक्तियां होती थी। यह मालूम था कि कर्ज लेने वाले कर्ज वापस नहीं करेंगे, लेकिन फिर भी दिया गया। उन्होंने कहा कि बैंकों से दिया गया कर्ज का सही आंकड़ा देश से छुपाया गया और झूठ बोला गया। देश को बोला गया सिर्फ दो लाख करोड़ वापस नही आ रहे हैं। बैंक में कुछ खास लोग इन नामदारों की मदद कर रहे थे।

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पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में जब हमारी सरकार आयी तो बैंकों से कहा गया कि सही और वास्तविक आंकड़ा देश तथा सरकार के सामने रखें, जो 9 लाख करोड़ रुपये था। देश के साथ कितना धोखा किया गया झूठ बोल गया आने वाले समय में यह और बढ़ेगा।

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पिछली सरकार ने लैंडमाइन बिछा कर हमें अर्थव्यवस्था दी- मोदी

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने लैंडमाइन बिछा कर हमें अर्थव्यवस्था दी और बड़ी बारीकी से इस स्थिति से निकलने के लिए लगातार काम कर रहे है। हमने सिर्फ बीमारी का कारण ही नहीं जाना, बल्कि पिछले साढ़े 4 साल में 50 करोड़ से अधिक के कर्ज की समीक्षा की गई और 12 सबसे बड़े बकाएदार जिन्होंने पौने 2 लाख करोड़ कर्ज लिया है। 27 ऐसे बकाएदार हैं, जिन्होंने 1 लाख करोड़ कर्ज लिए है उनकी भी जांच की जा रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि इन सारे बड़े लोगों को दिए गए कर्ज में से एक भी इस सरकार का दिया नहीं है। पहले नामदारों के आशीर्वाद से कर्ज दिया जाता था अब गरीबों को स्वरोजगार के लिए किसानों को कर्ज दिया जा रहा है। मुद्रा योजना के तहत 13 लाख करोड़ कर्ज दिया गया। 32 करोड़ गरीबों का जनधन खाते खोले गए।

उन्होंने कहा कि ये आंकड़े ना सिर्फ अच्छे है, बल्कि विशेषज्ञ के अनुमान से भी ज्यादा है। आज भारत ना सिर्फ दुनिया का सबसे तेज गति से आर्थिक विकास करने वाला देश है, बल्कि सबसे तेज गति गरीबी मिटाने वाला देश है। जीडीपी के आंकड़े देश के सवा सौ करोड़ के परिश्रम की गवाह है। भारत का जितना पैसा नामदारों ने दिलाया था उसका एक एक पैसा वापस वसूलेंगे।

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