Saturday , September 22 2018
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सुप्रीम कोर्ट ने सीजीएल-सीएचएसएल के रिजल्ट पर लगाई रोक

युवा-हल्लाबोल द्वारा शुरू किए गए एसएससी छात्रों के देशव्यापी आंदोलन को शुक्रवार को एक अहम सफलता मिली है, जब उच्चतम न्यायालय ने परीक्षाओं में धांधली और भ्रष्टाचार की बात मानते हुए सीजीएल और सीएचएसएल 2017 के परीक्षा परिणामों पर रोक लगा दी है।

ज्ञात हो कि न्यायालय ने सीबीआई को जांच संबंधी स्टेटस रिपोर्ट जमा करने को कहा था। स्टेटस रिपोर्ट में आंदोलनकारी छात्रों के उन आरोपों की पुष्टि होती है कि एसएससी और सिफी की सांठगांठ से बड़े पैमाने पर परीक्षाओं में भ्रष्टाचार व्याप्त है।

‘रिमोट एक्सेस की टेक्नोलॉजी से ऑनलाईन परीक्षाओं में नकल कराई जा रही थी’ 
युवा हल्लाबोल के प्रतिनिधियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की रोक से यह भी स्पष्ट हो गया है कि रिमोट एक्सेस की टेक्नोलॉजी से ऑनलाईन परीक्षाओं में नकल कराई जा रही थी। हल्लाबोल के मुताबिक, कोर्ट के फैसले का एक मतलब यह भी हुआ कि जांच का दायरा सीजीएल से बढ़ाकर सीएचएसएल तक होगा। एसएससी छात्रों की शुरू से मांग रही है कि वर्तमान में चल रही एसएससी की सभी परीक्षाओं की जांच हो।

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जानिये, सरकारी वकील को सर्वोच्च अदालत ने क्या कहा
युवा हल्लाबोल आंदोलन को नेतृत्व और दिशा देने में अहम भूमिका निभाने वाले स्वराज इंडिया के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम ने कहा, मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी वकील को डांटते हुए कहा, आप तो सीबीआई के वकील हैं फिर आप क्यूँ एसएससी के भ्रष्टाचार का बचाव कर रहे हैं। आपको तो परीक्षा कैंसिल करवाने की मांग करनी चाहिए थी। सुप्रीम कोर्ट के अंदर सरकारी वकील द्वारा एसएससी के भ्रष्टाचार का बचाव करना इस बात का संकेत देता है कि सरकार इस घोटाले के बारे में देश से कुछ छिपाना और दबाना चाहती है।

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यह फैसला ईमानदार परीक्षा प्रणाली के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों की जीत है- अनुपम

युवा हल्लाबोल आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले स्वराज इंडिया के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम ने कोर्ट के फैसले को ईमानदार परीक्षा प्रणाली के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि एसएससी की सभी परीक्षाओं की जल्द से जल्द जांच पूरी होनी चाहिए, ताकि छात्रों के जीवन का महत्वपूर्ण समय बर्बाद न हो।

साथ ही, अनुपम ने मांग किया कि प्राईवेट वेंडर सिफी को दोबारा कॉन्ट्रेक्ट न दिया जाए। एसएससी के चेयरमैन असीम खुराना को आयोग के अध्यक्ष पद से हटाया जाए, परीक्षा में भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए ग्रीवेंस सेल बने, ऑनलाइन परीक्षा का सॉफ्टवेयर किसी निजी एजेंसी से लेने की बजाए सरकार स्वयं बनवाए।

सरकारी परीक्षा प्रणाली को स्वच्छ बनाने की दिशा में पहला कदम
स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि न्यायालय का फैसला सरकारी परीक्षा प्रणाली को स्वच्छ बनाने की दिशा में पहला कदम है। देश में आज व्याप्त बेरोजगारी की गम्भीर समस्या पर युवाओं को एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील के साथ योगेंद्र यादव ने मोदी सरकार पर समाधान ढूंढने की बजाए आंकड़ों से खेलने का आरोप लगाया। आन्दोलन करो छात्रों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी कर रहे जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने एसएससी घोटाले को मोदी सरकार का व्यापम बताया है।

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